ब्यावर शहर में तीन दिवसीय श्री वीर तेजा मेले का रविवार को धार्मिक अनुष्ठानों और विधि-विधान के साथ शुभारंभ हुआ। नगर परिषद परिसर से शोभायात्रा निकाली गई, जो तेजाजी के थान पहुंची। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद अधिकारी और अन्य लोग सुभाष उद्यान पहुंचे, जहां मेले के मुख्य गेट पर फीता काटकर औपचारिक उद्घाटन किया गया। मेले में तीन दिनों तक धार्मिक आयोजनों के साथ कुश्ती, लोकनृत्य, महिला रस्साकशी और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। शोभायात्रा के साथ मेले की शुरुआत मेले के शुभारंभ अवसर पर जिला कलेक्टर कमलराम मीना, जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह, उपखंड अधिकारी जयपाल सिंह राठौड़ और नगर परिषद आयुक्त कीर्ति कुमावत मौजूद रहे। इनके साथ नगर परिषद, उपखंड और जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी तथा जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। नगर परिषद परिसर से निकली शोभायात्रा में अधिकारी और अन्य लोग तेजाजी के थान पहुंचे। यहां पूजा-अर्चना के बाद सभी सुभाष उद्यान पहुंचे। सुभाष उद्यान में मुख्य गेट पर फीता काटकर मेले की शुरुआत की गई। आस्था, संस्कृति और परंपरा का संगम जिला कलेक्टर कमलराम मीना ने कहा कि श्री वीर तेजा मेला आस्था, संस्कृति और परंपरा का संगम बनेगा। यह मेला ब्यावर की लोक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा विशेष आयोजन है। धार्मिक आयोजनों के साथ लोक संस्कृति, पारंपरिक खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम लोगों को मनोरंजन देने के साथ अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर देंगे। मेले में सजे बाजार, झूले और खान-पान के स्टॉल मेले में मनिहारी और घर के सामान की दुकानों के साथ झूले, चाट-पकौड़ी तथा विभिन्न प्रकार के खाने-पीने के सामान के स्टॉल लगाए गए हैं। शहर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोगों के मेले में पहुंचने की उम्मीद है। पहले दिन कुश्ती और सांस्कृतिक संध्या सुभाष उद्यान के बाद पृथ्वीराज चौहान स्टेडियम में गणेश पूजा और स्थापना कार्यक्रम हुआ। मेले के पहले दिन दोपहर 2 बजे ग्राम सेदरिया में झंडे वालों की नारियल रस्म होगी। शाम 5 बजे सुभाष उद्यान में कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। रात 8 बजे राठी पवेलियन में सांस्कृतिक संध्या होगी, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कलाकार खेता खान अपनी कला की प्रस्तुति देंगे। दूसरे दिन लोकनृत्य और महिला रस्साकशी 21 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे तेजा चौक पर झंडे एवं नारियल की रस्म होगी। इसके बाद दोपहर 3 बजे सुभाष उद्यान स्थित रात्रि पवेलियन में लोकनृत्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। शाम 5 बजे महिला रस्साकशी प्रतियोगिता होगी। रात 8 बजे राठी पवेलियन में भजन गायक गोकुल शर्मा सांस्कृतिक एवं भजन प्रस्तुति देंगे। जल झूलनी एकादशी पर रेवाड़ी स्वागत मेले के अंतिम दिन 22 सितंबर को शाम 5:30 बजे जल झूलनी एकादशी के अवसर पर रेवाड़ी स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद रात 8 बजे राठी पवेलियन में भजन गायिका आकृति मिश्रा की प्रस्तुति होगी। इसके साथ ही तीन दिवसीय मेले का समापन होगा। नई पीढ़ी को लोक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास श्री वीर तेजा मेला ब्यावर की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। तीन दिनों तक धार्मिक अनुष्ठानों के साथ लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां, पारंपरिक खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। मेले के माध्यम से क्षेत्र की लोक आस्था, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को मंच देने के साथ नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।