कांग्रेस की ओर से वोट चोरी को लेकर आज प्रदेश में कई जगह चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। वहीं, भीलवाड़ा में कांग्रेस के ही PCC मेंबर मनोज पालीवाल अपनी पार्टी के खिलाफ धरने पर बैठ गए। उन्होंने जिला कांग्रेस कार्यालय के बाहर गांधी जी का चरखा चलाकर विरोध किया। उन्होंने कहा- नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 17 पार्षदों को सिंबल नहीं दिए जाने से पार्टी को नुकसान हुआ। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा कंप्रोमाइज हैं और एक कंप्रोमाइज व्यक्ति प्रदेश नहीं चला सकता। दोषियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिन लोगों ने सिंबल देने में गड़बड़ी की, उनको पंचायत चुनाव में समन्वयक बनाकर भेज दिया। महापौर-उप महापौर के प्रत्याशी नहीं उतारने का भी उठाया मुद्दा पालीवाल ने कहा - भीलवाड़ा में कांग्रेस ने महापौर और उप महापौर के प्रत्याशी नहीं उतारे और दोनों पद निर्विरोध हुए। कांग्रेस कार्यालय में उन्हें महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने बैठने नहीं दिया गया। इसके बाद उन्होंने गांधीजी के चरखे को अपना आदर्श मानते हुए कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया। पंचायतीराज चुनाव में गलती नहीं दोहराने की मांग पालीवाल ने कहा कि कुछ समय बाद पंचायतीराज चुनाव होने वाले हैं, लेकिन निकाय चुनाव में जिन लोगों को वह दोषी मानते हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। सिंबल देने में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। PCC ने कार्रवाई करने की जगह संबंधित लोगों को इनाम दिया है। दोषियों को सजा की जगह समन्वयक बनाने का आरोप पालीवाल ने कहा - कांग्रेस प्रत्याशी ओम नरानीवाल और महेश सोनी को पंचायतीराज चुनाव में समन्वयक बनाकर भेजा गया है। उनके जरिए एक बार फिर कांग्रेस को कमजोर करने का काम किया जा सकता है। पंचायतीराज चुनाव में सिंबल को लेकर निकाय चुनाव वाली गलती दोबारा नहीं दोहराई जाए और जिन लोगों पर गड़बड़ी के आरोप हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।