भीलवाड़ा में तस्कर पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग नंबर प्लेट बदलकर लग्जरी कार से डोडा चूरा की तस्करी कर रहे थे। पुलिस के पीछा करने पर नाकाबंदी देखकर तस्करों ने कार को कच्चे रास्ते पर दौड़ा दिया। कार का पिछला टायर फटने से गाड़ी वहीं फंस गई। दोनों तस्कर कार छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल की ओर भाग गए। पुलिस ने कार की तलाशी ली तो 21 कट्टों में 399.04 किलो डोडा चूरा, मैगजीन, 4 जिंदा कारतूस और अलग-अलग नंबरों की 4 संदिग्ध नंबर प्लेट मिलीं। पुलिस ने एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर फरार तस्करों की तलाश शुरू कर दी है। डीएसटी और गंगापुर थाना पुलिस ने यह कार्रवाई रायथलियास बांध के पास सोमवार रात को की। पढ़िए … क्या है पूरा मामला डीएसटी भीलवाड़ा के कॉन्स्टेबल राकेश को सूचना मिली कि कपासन से पोटलां की तरफ आ रही सफेद रंग की लग्जरी कार में मादक पदार्थ ले जाया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद डीएसटी टीम संदिग्ध कार का पीछा करने लगी। इसी दौरान गंगापुर सीआई पूरणमल मय जाब्ता सहाड़ा चौराहे पर पहुंचे और नाकाबंदी शुरू कर दी। कच्चे रास्ते पर दौड़ाई कार, टायर फटा तो जंगल में भागे गंगापुर सीआई पूरणमल ने बताया- पुलिस की नाकाबंदी देखकर तस्करों ने धांगड़ास चौराहे से माझावास रोड की ओर कार दौड़ा दी। रायथलियास बांध के पास ड्राइवर ने कार को सड़क से नीचे कच्चे रास्ते पर उतार दिया। इससे कार का पिछला टायर बर्स्ट हो गया और गाड़ी वहीं फंस गई। इसके बाद ड्राइवर और उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग निकले। मैगजीन-4 कारतूस और 4 संदिग्ध नंबर प्लेट मिलीं तस्करों के फरार होने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कार की तलाशी ली। डैशबोर्ड से एक मैगजीन और 4 जिंदा कारतूस बरामद हुए। वहीं सीटों के बीच अलग-अलग नंबरों की 4 संदिग्ध नंबर प्लेटें और एक एंड्रॉइड मोबाइल मिला। इनमें चित्तौड़गढ़ और मध्यप्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर थे। माना जा रहा है कि तस्कर एमपी और चित्तौड़गढ़ के रास्ते से आ रहे थे और पुलिस से बचने के लिए वहां की नंबर प्लेटों का इस्तेमाल करते थे। डिग्गी और पिछली सीट से 399.04 किलो डोडा चूरा मिला पुलिस ने कार की डिग्गी और पिछली सीट की तलाशी ली तो 21 प्लास्टिक के कट्टों में भरा कुल 399.04 किलोग्राम डोडा चूरा बरामद हुआ। इस तरह डीएसटी और गंगापुर थाना पुलिस ने रायथलियास बांध के पास से कुल 399 किलो डोडा चूरा जब्त किया। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच कारोई सीआई सियाराम को सौंपी गई है। पुलिस मोबाइल की कॉल डिटेल और गाड़ी के चेचिस नंबर के आधार पर फरार तस्करों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।