भीलवाड़ा के मांडल क्षेत्र के पीथास ग्राम पंचायत के मालीखेड़ा गांव में बुधवार रात बस स्टैंड के पास करीब 7 फीट लंबा अजगर दिखाई देने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।अजगर को देखते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। वन विभाग की टीम समय पर नहीं पहुंची तो ग्रामीण घबराए ग्रामीणों ने अजगर दिखाई देने की सूचना तत्काल वन विभाग की टीम को दी। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान अजगर धीरे-धीरे आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ने लगा।अजगर के गांव की ओर बढ़ते मूवमेंट को देखते हुए ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई। ग्रामीण युवक ने किया रेस्क्यू अजगर को गांव की ओर बढ़ते देख पीथास निवासी सोनू बलाई पुत्र खेमराज बलाई ने तत्परता दिखाई। सोनू ने सावधानीपूर्वक अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे बोरे में बंद कर लिया। इसके बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम को अजगर सौंप दिया गया। वन विभाग ने जंगल में छोड़ा वन विभाग की टीम अजगर को अपने साथ सुरक्षित स्थान पर ले गई, जहां उसे जंगल में छोड़ दिया गया।अजगर के आबादी क्षेत्र में पहुंचने से पहले ही सुरक्षित रेस्क्यू होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने सोनू द्वारा दिखाई गई तत्परता की सराहना की। साथ ही वन्यजीवों के आबादी क्षेत्र में आने पर उन्हें स्वयं पकड़ने के बजाय वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई। क्रेडिट: जितेंद्र सिंह गौड़, मांडल