भीलवाड़ा शहर से निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी की विधायकी संकट आ सकता है। उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर पूर्व पार्षद राजेश सिंह सिसोदिया ने राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को कल शाम को एक शिकायत दी है। इसमें उनकी सदस्यता निरस्त करने की मांग की गई है। इस शिकायत में संवैधानिक नियमों और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला दिया गया है। सिसोदिया ने राज्यपाल के सामने भी शिकायत की है। अब पढ़िए क्या है पूरा मामला शिकायत में सभी डॉक्युमेंट्स लगाए हैं सिसोदिया ने बताया कि शिकायत में केवल सदस्यता कार्ड ही नहीं, बल्कि कई पुख्ता इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट डॉक्युमेंट्स सबूत के तौर पर लगाए गए है। इससे पहले विधायक कोठारी अपने सोशल मीडिया पर भाजपा सदस्यता ग्रहण करने की सार्वजनिक घोषणा कर चुके थे, उनका मेंबरशिप कार्ड भी बन कर आ चुका था। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा था सदस्यता देनी है या नहीं हमें सोचना है उस समय प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा था कि मेंबरशिप फॉर्म कोई भी भर सकता है, लेकिन उसे सदस्य बनाना है या नहीं ये हमें सोचना हैं। उसके बाद से कोठारी की सक्रियता पार्टी में और ज्यादा बढ़ गई थी। पूर्व पार्षद राजेश ने अशोक कोठारी को लेकर अपनी शिकायत में इन बिंदुओं को शामिल किया- शिकायत में ये पत्र पेश किए खुद की विचारधारा भाजपा की विचारधारा बता चुके खुद निर्दलीय विधायक कई बार सार्वजनिक मंचों पर अपनी विचार धारा को भाजपा विचारधारा बता चुके हैं। अब विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत के बाद विधानसभा अध्यक्ष को 3 माह में इस मामले पर अपनी ओर से निर्णय लेना है। न्याय नहीं मिलने पर पीड़ित हाईकोर्ट जा सकता है।