भीलवाड़ा में नगर निकाय चुनाव के नामांकन के पहले दिन जहाजपुर नगर पालिका में दादा-पोती ने एक साथ चुनावी मैदान में उतरे। 21 साल की सानिया खानम ने वार्ड 6 से निर्दलीय नामांकन भरा, वहीं उनके दादा नजीर सरवरी ने वार्ड 16 से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा दाखिल किया। सानिया ने चुनाव लड़ने की वजह बताते हुए कहा- ‘इट्स टाइम फॉर जेन-जी’। युवाओं को बदलाव की बात करने के साथ उसकी प्रक्रिया का हिस्सा भी बनना चाहिए, जबकि दादा ने पोती के फैसले का समर्थन करते हुए उसका हौसला बढ़ाया। 21 साल की उम्र में चुनावी मैदान में उतरीं सानिया सानिया खानम का चुनावी मैदान में उतरना चर्चा का विषय रहा। 21 साल की उम्र में उन्होंने राजनीति में कदम रखा है। वह वार्ड 6 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगी। वहीं, उनके दादा नजीर सरवरी वार्ड 16 से अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। नगर पालिका चुनाव के पहले दिन कुल 7 नामांकन दाखिल किए गए। दादा-पोती की एक साथ चुनावी दस्तक के बाद अब आने वाले दिनों में नामांकन बढ़ने के साथ चुनावी मुकाबले की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है। सानिया बोलीं- ‘इट्स टाइम फॉर जेन-जी’ चुनाव लड़ने के फैसले को लेकर सानिया खानम ने कहा-इट्स टाइम फॉर जेन-जी…। उन्होंने बताया - हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए Gen-Z के प्रोटेस्ट को देखकर उन्हें चुनाव लड़ने की प्रेरणा मिली। उनका कहना है कि युवाओं को सिर्फ बदलाव की बात नहीं करनी चाहिए, बल्कि बदलाव की प्रक्रिया का हिस्सा भी बनना चाहिए। फैसला खुद का था या परिवार से प्रेरणा मिली? सानिया ने बताया कि चुनाव लड़ने का फैसला उनका खुद का है। जब उन्होंने अपने दादा नजीर सरवरी को इस बारे में बताया तो उन्हें काफी खुशी हुई। दादा ने उनका हौसला बढ़ाया और पूरा सपोर्ट किया। किसी राजनीतिक संगठन से प्रेरणा मिली? सानिया ने कहा - उन्हें किसी राजनीतिक संगठन से चुनाव लड़ने की प्रेरणा नहीं मिली। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है और अपनी सोच व मुद्दों के साथ चुनाव मैदान में उतरी हैं। सानिया का संदेश- युवाओं को राजनीति में आगे आना चाहिए सानिया ने युवाओं से राजनीति से दूर रहने के बजाय अपनी आवाज और सोच के साथ आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा-अगर बदलाव चाहिए तो उसकी शुरुआत खुद से करनी होगी।