भीलवाड़ा में साल की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी राजीनामे से 19,167 मामले और मुकदमे के 2,47,936 मामले निपटाए गए। इसमें जमीनी विवाद भी शामिल हैं। ऐसे में कुल 2,67,103 मामले निपटाए वहीं 40 करोड़ 47 लाख 28 हजार 723 रुपए अवार्ड राशि पारित की गई। इसमें से प्री-लिटिगेशन के 2,47 936 प्रकरणों का राजीनामा द्वारा निस्तारण किया।न्यायालयों में लंबित 23,505 प्रकरण चिन्हित किए गए। 19167 प्रकरणों को निस्तारित किया गया। 37 करोड़ 50 हजार 786 रुपए के अवार्ड राशि दी गई। पूरे जिले में लोक अदालत की 21 बैंचो के माध्यम से न्यायिक अधिकारी, राजस्व अधिकारियों और वकीलों ने मामलों का निपटारा करवाया। प्री-लिटिगेशन मामलों में बैंक, बीएसएनएल, बिजली के रिकवरी मामलों का भी लोक अदालत में मूल राशि से भी कम में राजीनामा करवाया गया। 86 लाख का क्लेम मिला एक्सीडेंट को लेकर शोभालाल बनाम गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड में प्रार्थी शोभालाल गंभीर चोटों के कारण कोमा में चले जाने के कारण परिवारजन ने क्लेम पेश किया। राष्ट्रीय लोक अदालत की बेंच संख्या दो के अध्यक्ष न्यायाधीश पवन कुमार काला व राजेश सामरियां के सामने प्रार्थी के एडवोकेट श्रवण लाल कुम्हार और बीमा कंपनी के एडवोकेट अंशुल बंसल ने 86 लाख में राजीनामा किया। इनकी रही मौजूदगी राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ पवन कुमार काला -अपर जिला एंव न्यायाधीश संख्या-03, नगेन्द्र सिंह-अपर जिला एंव न्यायाधीश संख्या-02, रश्मि आर्य-सचिव, जिला विधिक, देवागिंनी औदिच्य, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हर्षित हाड़ा, न्यायिक मजिस्ट्रेट एन आई संख्या-02, उम्मेद सिंह राठौड़, बार अध्यक्ष भीलवाड़ा, शांति लाल जैन सदस्य लोक अदालत,राजेन्द्र कचैलिया पंकज दाधीच मौजूद रहे।