केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बयान पर पूर्व मंत्री रामलाल जाट ने शुक्रवार रात को पलटवार किया। बोले- बेईमान अधिकारियों का मुंह काला कर गधे पर घुमाओ। मुकदमों से न रामलाल डरेगा न कांग्रेस। दरअसल, भीलवाड़ा में पूर्व मंत्री रामलाल जाट की ओर से पुलिस अधिकारियों और प्रशासन को लेकर की गई टिप्पणी पर केंद्रीस मंत्री ने ऐतराज जताया था। शेखावत ने कहा कि लोकतंत्र में सरकारी नीतियों और अधिकारी-कर्मचारियों के कामकाज की आलोचना का अधिकार सभी को है, लेकिन अधिकारियों के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि एसपी को अपने अधिकारी के सम्मान की रक्षा करते हुए पूर्व मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। शेखावत ने शुक्रवार को भीलवाड़ा सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान यह बात कही। सार्वजनिक तौर पर अपमानित करने का संवैधानिक अधिकार नहीं शेखावत ने कहा था कि लोकतंत्र में सरकारी नीतियों और अधिकारी-कर्मचारियों के कामकाज की आलोचना का अधिकार सबको है, लेकिन किसी को भी सार्वजनिक तौर पर अपमानित करने का संवैधानिक अधिकार नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि जो नेता पुलिस अधिकारी के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वे किसी आम नागरिक या पत्रकार के साथ भी ऐसा व्यवहार कर सकते हैं। शेखावत ने अधिकारियों के सम्मान और मनोबल का मुद्दा उठाते हुए पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। जाट का पलटवार- एफआईआर से नहीं डरते केंद्रीय मंत्री के बयान पर पूर्व मंत्री रामलाल जाट ने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी मर्जी है, एफआईआर दर्ज करा दें। एफआईआर से रामलाल जाट या कांग्रेस पार्टी डरने वाली नहीं है। जाट ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में 36 मुकदमे दर्ज है। उन्होंने गजेंद्र सिंह शेखावत पर भी मुकदमे दर्ज होने का उल्लेख करते हुए कहा कि वे दूसरों के गिरेबान में झांकने से पहले अपनी स्थिति देखें। रामलाल जाट ने कहा- मैं आज भी कह रहा हूं कि जो बेईमान संविधान की शपथ लेते हैं, वे बेईमान है। चुनाव आयोग का काम वोट जोड़ने का है, लेकिन अभी ज्ञानेश कुमार ने वोट काटने का काम किया है। बुधवार के प्रदर्शन में भी पुलिस अधिकारी को लेकर की थी टिप्पणी पूर्व मंत्री रामलाल जाट ने बुधवार को भीलवाड़ा में वोट चोर, गद्दी चोर विरोध प्रदर्शन के दौरान भी पुलिस अधिकारी को लेकर टिप्पणी की थी। जाट ने कहा था कि कोई भी अधिकारी संविधान की शपथ लेकर आया है और बेईमानी पर उतर रहा है तो सरकार को ऐसे अधिकारी को कहीं पोस्टिंग नहीं देने के बारे में सोचना चाहिए। जाट ने आरोप लगाया था कि सरकार ही मिलीभगत कर रही है, इसलिए वे जनता के बीच जा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस की सरकार आने पर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जाट ने अपने भाषण में कहा था कि इन बेईमानों को गधे के ऊपर बैठाकर घुमाएंगे। जाट ने वोट चोरी के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा था कि अधिकारी संविधान की शपथ किस बात की लेते हैं। उन्होंने कहा था कि गलती होने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए और यदि दूसरा पक्ष गलत है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।