भीलवाड़ा में स्वर्णकार समाज आरक्षण संघर्ष समिति ने राजस्थान राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, जयपुर के नाम ज्ञापन सौंपा। स्वर्णकार समाज ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से हटाकर अति पिछड़ा वर्ग (MBC - More Backward Classes) श्रेणी में शामिल करने और समाज के लिए विशेष सुरक्षात्मक और कानूनी प्रावधान लागू करने के लिए सौंपा गया है। बाजार की स्थिति बदली, ज्वेलरी सेल कम हुई ज्ञापन में बताया कि साल 1993 की तुलना में साल 2026 तक बाजार की स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। सोने-चांदी की कीमतों में भारी उछाल और लूटपाट और छीना झपटी के मामलों के कारण महिलाओं ने भारी गहने पहनना लगभग बंद दिया है। इस दौर में मशीनों के जरिए आभूषण निर्माण और बड़े कॉर्पोरेट घरानों के एकाधिकार के कारण पारंपरिक स्वर्णकार कारीगरों का काम लगभग शून्य हो गया है, जिससे बाजार का 95% व्यापार बड़े घरानों के पास चला गया है। स्वर्णकार समाज ने ओबीसी से एमबीसी में शामिल करने की मांग की । कानूनी सुरक्षा की मांग समाज के लोगों ने ज्ञापन में बताया- चोरी के मामलों में पुलिस बिना प्रारंभिक जांच के चोरों के बयानों पर सीधे निर्दोष स्वर्णकारों और कारीगरों को प्रताड़ित करती है। इसके लिए बीएनएस की धारा 317 (पूर्व आईपीसी धारा 411) की लीगल रिव्यू करने और कानूनी सुरक्षा कवच प्रदान करने की मांग की गई है। बोले- हमारी स्थिति अल्पसंख्यकों जैसी समाज ने चिंता जताई कि राजस्थान में स्वर्णकार समाज की स्थिति अल्पसंख्यक जैसी है और राजनीतिक दलों द्वारा उचित प्रतिनिधित्व न मिलने के कारण आज प्रदेश में समाज का एक भी विधायक या सांसद नहीं है। स्थानीय निकाय से लेकर विधानसभा स्तर तक समाज के लिए विशेष प्रतिनिधित्व की मांग उठाई गई है। आजीविका के साधन सिमटने के कारण समाज के परिवारों में मानसिक तनाव और आत्महत्या जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। इनकी रही मौजूदगी इस दौरान समिति के अध्यक्ष सीताराम सोनी, अवधेश जोहरी, रामकुमार सोनी, एडवोकेट ममता स्वर्णका, मोना सोनी, एडवोकेट सरिता सोनी, देवीलाल सोनी, लोकेश सोनी, धर्मेन्द्र कुमार सोनी सहित समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।