जोधपुर के बासनी औद्योगिक क्षेत्र की एक केमिकल फैक्ट्री में आग बुझाते समय डूंगरपुर के 19 वर्षीय फायर फाइटर प्रीतेश परमार का निधन हो गया। उनके निधन से क्षेत्र में शोक है। उन्हें शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर बिछीवाड़ा में कैंडल मार्च निकाला गया। लांबाभाटड़ा (चुंडावाड़ा) गांव के प्रीतेश जोधपुर में फायर फाइटर की ट्रेनिंग ले रहे थे। बासनी फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान केमिकल ड्रम में धमाका हुआ। इसमें वे 90 प्रतिशत झुलस गए थे। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। कैंडल मार्च में लोगों ने प्रीतेश की तस्वीर और मोमबत्तियां लेकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। राज्य सरकार से तीन मुख्य मांगें रखी गईं। इनमें प्रीतेश परमार को 'शहीद' का दर्जा देना, परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देना शामिल है।