बूंदी जिले की नैनवां पंचायत समिति की सहन ग्राम पंचायत के बिहारीपुरा गांव के लोगों ने आगामी पंचायत चुनाव के बहिष्कार का निर्णय लिया है। गांव में आजादी के 80 साल बाद भी पक्की सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है। गांव से पंचायत मुख्यालय सहन तक जाना भी मुश्किल हो रहा है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर बरसाती नाले को ट्रैक्टर-ट्रॉली से पार करते हैं। बारिश में यह गांव टापू बन जाता है। गांव के 40 से 50 स्कूली बच्चे रोज इसी खतरनाक रास्ते से सहन स्कूल जाने को मजबूर हैं। इससे उनकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सरपंच पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक, सड़क सुधार के लिए 50,000 रुपए की स्वीकृति निकाली गई थी, लेकिन सिर्फ 15,000 रुपए का काम दिखाया गया। इस बारे में जब नरेंद्र झाला से बात की गई तो उन्होंने कहा, "मैं देख लूंगा।" गांव के लोग कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। पंचायत चुनाव में पूरा गांव नहीं डालेगा वोट अब समाजसेवी मनराज गोचर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एक फैसला लिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि अगर जल्द ही बिहारीपुरा से सहन पंचायत मुख्यालय तक 3 किलोमीटर पक्की सड़क की स्वीकृति नहीं दी गई, तो पूरा गांव आगामी पंचायत चुनाव 2026 का बहिष्कार करेगा।