बीकानेर नगर निगम में उप महापौर पद पर कांग्रेस प्रत्याशी की हार के बाद पार्टी में अंदरुनी राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस के सीनियर नेता गुलाम मुस्तफा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनकी पुत्रवधू नसीम बानो उप महापौर चुनाव में महज 2 वोट से हार गई थीं। नगर निगम में कांग्रेस के बहुमत के बावजूद हुई हार की अब पार्टी स्तर पर समीक्षा की जा रही है। गुलाम मुस्तफा ने लगाए संगठन पर आरोप गुलाम मुस्तफा ने अपने त्यागपत्र में कहा कि वे इंडियन नेशनल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम उप महापौर चुनाव के नतीजे से यह सामने आया है कि कांग्रेस संगठन की बागडोर आरएसएस की विचारधारा को साकार करने वाले लोगों के हाथ में है। उन्होंने कांग्रेस में आरएसएस की 'स्लीपर सेल' काम करने का भी आरोप लगाया और कहा कि ऐसे लोगों के साथ काम करना आसान नहीं है। कांग्रेस के 42 पार्षद, नसीम को मिले 38 वोट उप महापौर चुनाव में कांग्रेस ने गुलाम मुस्तफा की पुत्रवधू नसीम बानो को प्रत्याशी बनाया था। नगर निगम में कांग्रेस के 42 पार्षद हैं, लेकिन नसीम बानो को 38 वोट मिले। भाजपा प्रत्याशी के मुकाबले कांग्रेस के चार वोट कम रहे। इसके अलावा दो वोट खराब हुए, जिनमें एक नोटा को गया और एक वोट खारिज हो गया। चुनाव के आंकड़ों को लेकर कांग्रेस के भीतर क्रॉस वोटिंग की चर्चा शुरू हो गई है। जयपुर स्तर पर होगी हार की समीक्षा पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने कहा - उप महापौर चुनाव में हुई हार की समीक्षा की जाएगी। पार्टी नेताओं ने भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा को दी है। अब जयपुर स्तर पर इस मामले की छानबीन और समीक्षा की जा रही है। कांग्रेस से छह दावेदारों ने किया था आवेदन नगर निगम उप महापौर पद के लिए भाजपा की ओर से सिर्फ पंकज गहलोत ने नामांकन दाखिल किया था। वहीं कांग्रेस की ओर से छह दावेदार मैदान में आए थे। इनमें नसीम बानो के अलावा मनोज बिश्नोई, सपना मारु, जावेद, छेल सिंह और अब्दुल वाहिद शामिल थे। बाद में नसीम बानो को कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने के बाद बाकी पांच उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस ले लिए थे। महापौर चुनाव के मुकाबले कांग्रेस को मिले 12 वोट कम उप महापौर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को अपने पार्षदों के 27 वोट के अलावा 13 अतिरिक्त वोट मिले। निगम में निर्दलीय पार्षदों की संख्या 10 है, जबकि भाजपा प्रत्याशी को अतिरिक्त 13 वोट मिले। वहीं महापौर चुनाव में कांग्रेस को 27 वोट मिले थे, लेकिन उप महापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को इससे 12 वोट कम मिले। इन आंकड़ों के बाद कांग्रेस संगठन के भीतर चुनाव परिणाम को लेकर सवाल उठ रहे हैं।