बीकानेर नगर निगम चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अंदरूनी विरोध से बचने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। दोनों पार्टियों ने अभी तक प्रत्याशियों की अधिकृत सूची जारी नहीं की है। इसके बजाय दावेदारों को फोन कर नामांकन दाखिल करने के लिए कहा जा रहा है। कुछ वार्डों में टिकट को लेकर दोनों दलों के भीतर खींचतान चल रही है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व अचानक विरोध प्रदर्शन या हंगामे की स्थिति से बचने के लिए दावेदारों को सीधे नामांकन दाखिल करने के निर्देश दे रहा है। भाजपा में 50 से ज्यादा दावेदारों को फोन भाजपा ने 50 से ज्यादा दावेदारों को फोन कर नामांकन दाखिल करने के लिए कहे जाने की बात सामने आई है। हालांकि अधिकृत सूची जारी नहीं होने से कुछ वार्डों में पार्टी के सामने बागी प्रत्याशियों के चुनाव मैदान में उतरने की स्थिति भी बन रही है। भाजपा इस बार कई बड़े चेहरों पर दांव लगाने की तैयारी में है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने अपने पिता के लिए टिकट मांगा था, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिलने की बात सामने आ रही है। वहीं पूर्व विधायक के परिजन को टिकट के लिए फोन आने की सूचना है। ऐसे में, वार्ड की महिलाओं ने यहां थाली बजा कर आभार जताया। कई दिग्गज दावेदारों को भी अब तक कोई सूचना नहीं दी गई। कांग्रेस में भी फोन पर नामांकन के निर्देश कांग्रेस में भी भाजपा जैसी स्थिति बनी हुई है। पार्टी की ओर से अधिकृत सूची जारी करने के बजाय दावेदारों को फोन कर नामांकन दाखिल करने के लिए कहा जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता खुद दावेदारों को फोन कर रहे हैं और शनिवार को ही नामांकन दाखिल करने के निर्देश दे रहे हैं। इसके साथ ही दावेदारों से वोटर लिस्ट में दर्ज उनके नाम की फोटो प्रति भी मांगी जा रही है, ताकि नामांकन और टिकट में नाम उसी के अनुसार दर्ज किया जा सके। कांग्रेस में डॉ. बी.डी. कल्ला और पूर्व प्रत्याशी रहे यशपाल गहलोत टिकट वितरण की प्रक्रिया में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।