पंचायत चुनाव में भाजपा ने गांव-ढाणी तक सरकार के कामकाज का हिसाब पहुंचाने के लिए ‘90 प्रचार रथ’ मैदान में उतारे हैं। निकाय चुनावों के बाद अब भाजपा का फोकस पंचायत चुनाव पर है। प्रचार रथों के जरिए ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं, बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी जा रही है। प्रचार सभाओं में विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान, ग्राम चौपाल, अटल ज्ञान केंद्र, अटल पथ, किसान सम्मान निधि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण जैसी योजनाओं का जिक्र किया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। भाजपा ने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय रहने, ग्रामीणों से लगातार संपर्क बनाए रखने और उनकी समस्याओं को समझने का भी संदेश दिया है। कांग्रेस के 5 साल, भाजपा के 33 माह की तुलना प्रचार रथों के जरिए कांग्रेस के पांच साल से भाजपा के 33 महीने की तुलना की जा रही है। भाजपा का दावा है कि मौजूदा सरकार ने 33 महीनों में कांग्रेस सरकार के पांच साल की तुलना में कई क्षेत्रों में तीन गुना से लेकर 28 गुना तक अधिक काम किया है। मौजूदा सरकार ने 18,431 किलोमीटर नई सड़कें बनवाईं, जबकि कांग्रेस सरकार के पांच साल में 13 हजार किलोमीटर सड़कें बनी थीं। इसी तरह, भाजपा सरकार के कार्यकाल में 18 सैटेलाइट अस्पताल और 1,476 उप-स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 41125 गांवों को ओडीएफ प्लस का दर्जा दिया गया, जो पिछली सरकार की तुलना में 28 गुना अधिक है। ‘90 रथ’ प्लान क्यों अहम? प्रचार रथों के जरिए पार्टी एक साथ कई ग्रामीण क्षेत्रों तक अपना संदेश पहुंचा सकती है। मुख्यमंत्री का वीडियो संबोधन स्थानीय सभाओं को प्रदेश स्तर के चुनावी संदेश से जोड़ता है। इससे सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रचार का हिस्सा बनाया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीण मतदाताओं के लिए योजनाओं की घोषणा के साथ यह जानना भी जरूरी है कि उनके गांव में कौन-से काम पूरे हुए, किन योजनाओं का लाभ मिला और स्थानीय समस्याओं का समाधान कितना हुआ। पहले चरण के प्रत्याशियों की सूची रविवार होगी जारी पंचायत चुनाव में भाजपा टिकट के लिए शनिवार से प्रदेश स्तर पर तीन दिन रायशुमारी करेगी। पार्टी ने साफ कर दिया है कि किसी सीट पर सिर्फ एक नाम का पैनल स्वीकार नहीं होगा। हर पैनल में कम से कम तीन दावेदारों के नाम जरूरी होंगे। पहले चरण के प्रत्याशियों की सूची रविवार को देर शाम तक जारी करने की तैयारी है। भाजपा ने पंचायत चुनाव के लिए जिला प्रभारी, जिला परिषद प्रभारी और पंचायत समिति प्रभारी नियुक्त किए हैं। इनकी सलाह के आधार पर जिला कोर कमेटियों ने संभावित प्रत्याशियों के नामों का पैनल तैयार किया है। अब इन नामों पर प्रदेश कार्यालय में चर्चा होगी।