रबी सीजन को देखते हुए बूंदी कृषि विभाग ने किसानों के लिए सलाह जारी की है। विभाग ने किसानों से डीएपी (DAP) के विकल्प के तौर पर एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) का इस्तेमाल करने को कहा है। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि एसएसपी में 16 प्रतिशत फॉस्फोरस, 11 प्रतिशत सल्फर और 21 प्रतिशत कैल्शियम होता है। जबकि डीएपी में मुख्य रूप से फॉस्फोरस और नाइट्रोजन ही मिलता है। ऐसे में एसएसपी के इस्तेमाल से फसल को फॉस्फोरस के साथ-साथ सल्फर और कैल्शियम जैसे जरूरी पोषक तत्व भी मिल जाते हैं। उन्होंने बताया कि सरसों और दलहनी फसलों के लिए एसएसपी ज्यादा उपयोगी है। सल्फर दलहनी फसलों की जड़ों में बनने वाली गांठों के विकास में मदद करता है, जिससे पौधे वायुमंडल से नाइट्रोजन ले पाते हैं। वहीं इसमें मौजूद सल्फर क्षारीय भूमि की दशा सुधारने में भी काम आता है और कैल्शियम पौधों की कोशिकाओं को मजबूती देता है। कृषि विभाग ने सभी किसानों से मिट्टी की जांच के आधार पर और मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिश के अनुसार ही उर्वरकों का सही मात्रा में इस्तेमाल करने की अपील की है।