बूंदी में जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के प्रयासों से उर्वरक वितरण को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल्स (FFS) व्यवस्था लागू की गई है। इसके सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं। एफएफएस प्रणाली लागू होने के बाद से अब तक जिले के 52293 किसानों को कुल 10117.68 मीट्रिक टन उर्वरक बांटा जा चुका है। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि एफएफएस व्यवस्था के तहत किसानों को अपनी जरूरत के हिसाब से उर्वरक की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा मिल रही है। बुकिंग के बाद मिले टोकन या क्यूआर कोड से किसान अधिकृत विक्रेता से खाद ले सकते हैं। इससे उर्वरक वितरण में पारदर्शिता आई है और स्टॉक की निगरानी भी बेहतर हो गई है। 14 से चल रहा जागरूकता अभियान शर्मा ने बताया कि कृषि विभाग एफएफएस प्रणाली का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है। नियमों का पालन नहीं करने पर एफसीओ 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत 13 उर्वरक खुदरा विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। वहीं, 23 उर्वरक खुदरा विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने सभी विक्रेताओं को एफएफएस व्यवस्था के तहत तय प्रक्रिया का पालन करने और किसानों को नियमानुसार उर्वरक देने के निर्देश दिए हैं। विभाग उर्वरक की उपलब्धता, स्टॉक और वितरण प्रक्रिया पर लगातार नजर रख रहा है। संयुक्त निदेशक ने यह भी बताया कि किसानों को एफएफएस प्रणाली की जानकारी देने और ऑनलाइन बुकिंग से जोड़ने के लिए जिले की 185 ग्राम पंचायतों में 14 सितंबर से जागरूकता अभियान चल रहा है। इस अभियान में किसानों को एफएफएस ऐप डाउनलोड करने, लॉगिन करने, जमीन और फसल का विवरण भरने, उर्वरक चुनने और ऑनलाइन बुकिंग के बाद टोकन या क्यूआर कोड से खाद लेने का तरीका समझाया जा रहा है।