बूंदी में नाबालिग से रेप के मामले में पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट के तहत 20 साल के कठोर कारावास और 1 लाख 50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा दी है। विशिष्ट लोक अभियोजक निशांत कुमार सोनी ने बताया कि यह घटना 30 नवंबर 2025 की है। फरियादी ने 2 दिसंबर 2025 को हिंडोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी के अनुसार, जब वह और उसकी पत्नी काम पर बाहर गए थे, तब उनकी नाबालिग बेटी घर पर नहीं मिली। आस-पड़ोस और रिश्तेदारों में तलाश करने पर भी बेटी का पता नहीं चला। इसके बाद एक रिश्तेदार पर शक होने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर कुछ दिनों बाद पीड़िता को ढूंढ निकाला। उसके बयान धारा 180 BNSS के तहत दर्ज किए गए। अनुसंधान अधिकारी मुकेश कुमार यादव की जांच में यह साबित हुआ कि आरोपी पीड़िता को घर से ले जाकर रेप किया था। इसके बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई। इस मामले को केस ऑफिसर स्कीम में रखा गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाह और 29 दस्तावेज कोर्ट में पेश किए गए। विशिष्ट लोक अभियोजक निशांत कुमार सोनी ने पॉक्सो कोर्ट-02 बूंदी में पैरवी की।