बूंदी में 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' अभियान का रविवार को शुभारंभ हुआ। इसमें युवाओं ने नशे से दूर रहने और समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने का संकल्प लिया। यह राष्ट्रीय संकल्प अभियान मेरा युवा भारत (माय भारत) केंद्र और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के तहत श्रीदेव शिक्षण संस्थान में शुरू किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' से हुई। इस मौके पर शिक्षा विभाग से नशामुक्ति कार्यक्रम के जिला प्रभारी किशनलाल कहार, ब्रह्माकुमारीज से गीता दीदी, अलका दीदी और संस्थान निदेशक राधेश्याम गुर्जर मौजूद रहे। लोकगीतों के जरिए भी युवाओं को नशा छोड़ने का संदेश जिला प्रभारी किशनलाल कहार ने कहा कि नशे से बचने के लिए जागरूकता, सही जानकारी और सकारात्मक जीवनशैली जरूरी है। उन्होंने नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान बताए। साथ ही, इससे जुड़ी गलतफहमियों को भी दूर किया। उन्होंने अपने लोकगीतों के जरिए भी युवाओं को नशा छोड़ने का संदेश दिया। ब्रह्माकुमारीज की गीता दीदी और अलका दीदी ने बताया कि युवा अपने मन को सही दिशा देकर ऊर्जा को अच्छे कामों में लगा सकते हैं। उन्होंने नशे से दूर रहने, आत्मअनुशासन और सकारात्मक सोच के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं को ध्यान का अभ्यास भी कराया। संस्थान निदेशक राधेश्याम गुर्जर ने युवाओं से खुद नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की। केंद्र के लेखा एवं कार्यक्रम सहायक रोहिल कुमार कट्टा ने माय भारत की गतिविधियों की जानकारी दी और रिपोर्ट पेश की। आखिर में युवाओं ने सामूहिक संकल्प लिया और हस्ताक्षर कर अभियान में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का संचालन स्वयंसेवक हरिओम शर्मा ने किया। इस अवसर पर ओमप्रकाश गुर्जर, रामेष्ट युवा मंडल सचिव रोहन गुर्जर, शिवराज गोचर, हनुमान सैनी, आकांक्षा नागर, नेराजी गुर्जर, गुड्डी, हरगोविन्द सहित कई युवा मौजूद रहे।