भास्कर न्यूज | टोंक जिले में बाल विवाह की रोकथाम और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर गांव स्तर पर जागरूकता अभियान को गति दी जाएगी। इसके तहत जिले की 10 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में पहल की गई है। जिला बाल संरक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक में बाल संरक्षण गतिविधियों की समीक्षा की गई। कलेक्ट्रेट सभागार में जिला प्रशासन, बाल अधिकारिता विभाग, शिव शिक्षा समिति राणोली के संयुक्त तत्वावधान में ‘कवच’ परियोजना के तहत बैठक हुई। जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक नवल खान ने पिछले तीन माह में किए गए बाल संरक्षण कार्यों की जानकारी दी। परियोजना जिला समन्वयक पूनम जोनवाल ने ‘कवच’ के तहत बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत ग्राम सभाओं में बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई गई। 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में ‘बाल विवाह मुक्त टोंक संकल्प अभियान’ के पोस्टर का विमोचन किया गया। अभियान की थीम ‘बाल विवाह समाप्त करें। बालिकाओं के अधिकारों में निवेश करें’ रखी गई है। बैठक में बाल कल्याण समिति अध्यक्ष हेमराज चौधरी, शैफाली जैन, किशोर न्याय बोर्ड सदस्य सत्यनारायण शर्मा, सीएमएचओ डॉ. शैलेंद्र चौधरी सहित संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।