सिर्फ एक दिन की कमाई और खर्च का हिसाब डीटीेओ कार्यालय राजसमंद के सहायक प्रशासनिक अधिकारी (एएओ) दिनेश किलोलिया के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज होने की वजह बन गया। 3 अगस्त को एसीबी ने उनकी कार की तलाशी ली तो 28,110 रुपए मिले। किलोलिया ने 26,500 रुपए कार का बीमा कराने के लिए उधार लेने का दावा किया, लेकिन जांच में पूरी रकम का हिसाब नहीं दे पाए। एसीबी ने बैंक खाता खंगाला तो 10 जुलाई से 3 अगस्त तक कोई लेन-देन नहीं मिला। इसके बाद एसीबी ने 3 अगस्त को ही एक दिन का ‘चेक पीरियड’ मानकर आय से अधिक संपत्ति का मामला माना और जांच पूरी होने के बाद एक दिन की आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर लिया। एसीबी को सूचना थी कि किलोलिया अवैध रूप से अर्जित रकम लेकर राजसमंद से उदयपुर घर जा रहे हैं। एएसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा के नेतृत्व में टीम ने श्रीनाथजी-उदयपुर नेगड़िया टोल-वे पर कार रुकवाई। तलाशी में 28,110 रुपए मिले। किलोलिया के साथ मनमोहन सिंह भी था। उसने बताया वह ड्राइवर है। उन्हें ऑफिस छोड़ने के बाद वाहनों के रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस और परिवहन विभाग से जुड़े काम कर अतिरिक्त आय भी करता है। पकड़े जाने के बाद किलोलिया से एसीबी ने सवाल किया कि 28,110 रुपए कहां से आए? किलोलिया ने बताया कि 26,500 रुपए कार का बीमा कराने के लिए आरटीओ ऑफिस के पास स्थित ई-मित्र संचालकों से उधार लिए थे। किस-किस से लिए? इस सवाल पर वे केवल बहादुर सिंह का नाम बता पाए। उससे कितने रुपए लिए, इसका भी हिसाब नहीं दे सके। एसीबी ने बहादुर सिंह से संपर्क कर किलोलिया के दावे की तस्दीक की। उसने करीब दो-तीन हजार रुपए देने की बात कही। यानी 26,500 रुपए उधार लेने के दावे की पुष्टि नहीं हुई। विभागीय जिम्मेदारियों को जांच का आधार बनाया किलोलिया के पास वाहन पंजीयन, लाइसेंस शाखा, फिटनेस और कर संबंधी महत्वपूर्ण राजस्व वसूली के कार्य थे। एसीबी ने बरामद रकम का संतोषजनक हिसाब नहीं मिलने, उधार के दावे की पुष्टि नहीं होने, बैंक स्टेटमेंट और किलोलिया की विभागीय जिम्मेदारियों को जांच का आधार बनाया। 3 अगस्त को एक दिन को चेक पीरियड मान ~28,110 को आय से अधिक राशि मानकर मामला दर्ज किया।