झालावाड़| जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ की ओर से संवत्सरी पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। पर्व के तहत सुबह साढ़े बारहसो सूत्र को बोहराया गया और इसका ऑडियो वाचन किया गया। वाचन के दौरान श्रद्धालुओं को तीर्थंकरों के जीवन चरित्र के दर्शन कराए गए। अक्षयनिधि तप की आराधना करने वाले श्रावक-श्राविकाओं के लिए चैत्य परिपाटी के साथ कलश निकाले गए। कलश यात्रा में श्रद्धालु बाजे-गाजे के साथ नमीनाथ मंदिर और जैन दादा बाड़ी पहुंचे। यहां भगवान के दर्शन कर चैत्य वंदन किया गया। धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया। वातावरण भक्तिमय बना रहा। शाम को समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से प्रतिक्रमण किया। प्रतिक्रमण के बाद श्रद्धालुओं ने वर्षभर में जाने-अनजाने हुई गलतियों के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांगी।