चित्तौड़गढ़ स्थित बद्रीनाथ धाम में इस बार शारदीय नवरात्र महोत्सव नौ दिनों तक पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। हर दिन सुबह से लेकर रात तक मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना, भजन, सत्संग, गरबा, डांडिया और धार्मिक कार्यक्रम चलते रहे। सोमवार को महाआरती और नवमी के विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के साथ महोत्सव का समापन हुआ। अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचे और मां बगलामुखी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में लगातार धार्मिक माहौल बना रहा और अलग-अलग राज्यों से आए श्रद्धालु भी इसमें शामिल हुए। देश के कई राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु, गरबा और डांडिया में दिखा उत्साह नवरात्र महोत्सव के दौरान राजस्थान के साथ-साथ मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा और दिल्ली से भी श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंचे। शाम के समय मंदिर परिसर में पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने गरबा और डांडिया किया। इसके साथ ही बच्चों के लिए कई सांस्कृतिक और खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ इनमें हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों को बाद में पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पूरे नौ दिनों तक मंदिर परिसर में सुबह धार्मिक कार्यक्रम और शाम को सांस्कृतिक गतिविधियां चलती रहीं, जिससे श्रद्धालुओं में अलग ही उत्साह देखने को मिला। रोज हुई महाआरती, यज्ञ और ध्यान कार्यक्रम महोत्सव के दौरान ऋषिकेश से आए पंडित आकाश जुयाल और आचार्य पीठ के सानिध्य में प्रतिदिन मां भगवती की महाआरती कराई गई। श्रद्धालुओं ने नियमित रूप से पूजा, ध्यान और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। पंडित आकाश जुयाल ने कहा कि नवरात्र में मां बगलामुखी की आराधना और ध्यान करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन में आगे बढ़ने की शक्ति मिलती है। नवमी के अवसर पर महाहवन और सर्वकल्याण यज्ञ का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर विश्व शांति और सभी के मंगल की कामना की। स्वयंभू मां कामाख्या देवी के श्रीचरणों में विशेष कष्ट निवारण यज्ञ भी कराया गया। महाआरती के साथ हुआ समापन, श्रद्धालुओं ने जताई आस्था सोमवार को हुई महाआरती के साथ नौ दिवसीय शारदीय नवरात्र महोत्सव का समापन हुआ। इस दौरान मेवाड़ धर्म शिरोमणि श्री श्री रोहित गोपाल भैया का सानिध्य भी श्रद्धालुओं को मिला। सर्वहिताय चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव राहुल शर्मा ने बताया कि बद्रीनाथ धाम में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और मां बगलामुखी के दर्शन कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था ही इस धाम की सबसे बड़ी पहचान है। महोत्सव के समापन पर श्रद्धालुओं ने फिर अगले साल इसी तरह आयोजन में शामिल होने की कामना की और पूरे कार्यक्रम का समापन भक्ति और श्रद्धा के माहौल में हुआ।