चित्तौड़गढ़ में इंडिया गठबंधन ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ राजनीतिक मोर्चा खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। गठबंधन दलों की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने ऐलान किया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जिले में आंदोलन किया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता के अधिकार से जुड़े इस मुद्दे को लेकर अब सड़क पर उतरकर लोगों तक बात पहुंचाई जाएगी। आंदोलन की शुरुआत पैदल मार्च से होगी, जिसके बाद ब्लॉक और मंडल स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राहुल गांधी के उठाए मुद्दे को बनाया आधार कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया ने कहा कि वोट चोरी का मुद्दा नया नहीं है। राहुल गांधी ने करीब तीन-चार साल पहले कर्नाटक में मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए थे। उस समय डुप्लीकेट वोट, गलत पते और एक ही मकान में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम दर्ज होने जैसे मामलों के आंकड़े चुनाव आयोग के सामने रखे गए थे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने जांच का भरोसा दिया था, लेकिन इसके बाद भी अलग-अलग राज्यों में चुनाव के दौरान मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठते रहे। सिसोदिया ने कहा कि बिहार, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों के चुनावों में मतदाता सूची में बड़े स्तर पर बदलाव हुए, लेकिन इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं रखी गई। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही और इससे चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए हैं। चुनाव आयोग के अंदर मतभेद का उठाया मुद्दा कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने हाल में सामने आई रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग के अंदर भी फैसलों को लेकर मतभेद सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि निर्वाचन आयुक्त विवेक जोशी और संधू ने पिछले 10 महीनों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर कई बार आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने, नाम जोड़ने और चुनाव आयोग की आईटी प्रणाली को लेकर लिए गए फैसलों में सभी सदस्यों की राय नहीं ली गई। सिसोदिया ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसके फैसले निष्पक्ष तरीके से होने चाहिए, लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था में ऐसा नहीं हो रहा है। भाजपा को फायदा पहुंचाने का लगाया आरोप सिसोदिया ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से लोकतंत्र पर असर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि फैसलों से भाजपा को राजनीतिक फायदा पहुंचाने की स्थिति बन रही है। हालांकि ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता किसी भी पार्टी की संपत्ति नहीं है। हर नागरिक का वोट उसका अधिकार है और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि हर व्यक्ति को निष्पक्ष चुनाव का भरोसा मिले। जिले से लेकर ब्लॉक स्तर तक चलेगा अभियान कांग्रेस ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर आने वाले दिनों में इंडिया गठबंधन के सभी दल मिलकर कार्यक्रम तय करेंगे। पहले जिला स्तर पर आंदोलन होगा और इसके बाद इसे ब्लॉक तथा मंडल स्तर तक ले जाया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं बल्कि देश के मतदाताओं के अधिकार की लड़ाई है। पार्टी ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।