चित्तौड़गढ़ के पालेर गांव में मक्के की फसल काट रहे ग्रामीणों को खेत में करीब 10 फीट लंबा अजगर दिखाई दिया। अजगर किसी जानवर का शिकार निगलने के बाद वहीं पड़ा था। उसका पेट भरा होने के कारण वह ज्यादा हिल-डुल भी नहीं पा रहा था। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। टीम ने करीब आधे घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर अजगर को सुरक्षित पकड़ा और वन क्षेत्र में छोड़ दिया। मदनलाल जाट के खेत में मिला अजगर क्षेत्रीय वन अधिकारी विजयपुर भूपेंद्र सिंह शक्तावत ने बताया - सूचना मिली थी कि पालेर गांव में मदनलाल जाट के खेत में मक्के की फसल काट रहे ग्रामीणों ने एक बड़ा अजगर देखा है। टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि अजगर ने हाल ही में किसी जानवर का शिकार निगला था। पेट भरा होने के कारण वह खेत में ही आराम कर रहा था। शिकार नहीं उगला, इसलिए बरती सावधानी शिकार निगलने के कारण अजगर को संभालते समय टीम ने विशेष सावधानी बरती। आमतौर पर खतरा महसूस होने पर कई बार अजगर शिकार को बाहर निकाल देते हैं, लेकिन इस दौरान उसने ऐसा नहीं किया। टीम ने धीरे-धीरे उसे काबू में लिया और सुरक्षित तरीके से बोरे में रखा। इसके बाद उसे वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। रेस्क्यू अभियान में वनरक्षक मेघनाथ योगी, ओमप्रकाश बेनीवाल, विजय सिंह और महेंद्र सिंह के साथ ग्रामीण शंभूदास, सुरेश जाट सहित अन्य लोगों ने सहयोग किया। वन्यजीव दिखने पर वन विभाग को दें सूचना रेंजर भूपेंद्र सिंह शक्तावत ने बताया - बरसात के बाद या फसल के समय वन्यजीव भोजन और सुरक्षित जगह की तलाश में आबादी के आसपास आ जाते हैं। ऐसे में लोगों को घबराना नहीं चाहिए और न ही खुद वन्यजीव को पकड़ने की कोशिश करनी चाहिए। वन्यजीव दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा जा सके। इससे इंसानों और वन्यजीवों, दोनों की सुरक्षा बनी रहती है।