चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति क्षेत्र में पंचायत चुनाव को लेकर सबसे बड़ा इंतजार खत्म हो गया है। पंचायत समिति की 53 ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों का आरक्षण तय कर दिया गया है। आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया एसडीएम दिलीप सिंह के नेतृत्व में पूरी कराई गई। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बच्चों के हाथों से पर्चियां निकलवाई गईं। लॉटरी पूरी होने के बाद अब यह साफ हो गया है कि कौन सी ग्राम पंचायत में किस वर्ग का उम्मीदवार सरपंच पद का चुनाव लड़ सकेगा। चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति की 53 ग्राम पंचायतों में से 26 सरपंच पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इससे पंचायत चुनाव में महिला उम्मीदवारों की भूमिका और ज्यादा बढ़ जाएगी। 53 ग्राम पंचायतों में आरक्षण खुला, अब दावेदारों के समीकरण बदलेंगे चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति क्षेत्र में सरपंच पदों के आरक्षण की स्थिति साफ होने के बाद चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लोगों के सामने अब तस्वीर स्पष्ट हो गई है। कई दावेदार लंबे समय से अपने-अपने गांवों में लोगों से संपर्क कर रहे थे, लेकिन आरक्षण का इंतजार था। अब आरक्षण तय होने के बाद वे अपनी दावेदारी को आगे बढ़ा सकेंगे। जिन पंचायतों में सामान्य या अपने वर्ग का आरक्षण आया है, वहां पुराने दावेदार सक्रिय होंगे, जबकि आरक्षण बदलने वाली पंचायतों में नए नाम सामने आने की संभावना है। सरपंच पदों के साथ वार्ड पंच पदों का आरक्षण भी तय किया गया है, जिससे पंचायत चुनाव की पूरी तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगी है। महिला आरक्षण में 14 अनारक्षित वर्ग से, 12 पद आरक्षित वर्गों में चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति में कुल 26 महिला सरपंच होंगी। इनमें सबसे ज्यादा 14 महिला सरपंच पद अनारक्षित वर्ग में रहेंगे। इसके अलावा अनुसूचित जाति वर्ग में 4 महिला सरपंच, अनुसूचित जनजाति वर्ग में 3 महिला सरपंच और अन्य पिछड़ा वर्ग में 5 महिला सरपंच चुनी जाएंगी। यानी पंचायत समिति की करीब आधी ग्राम पंचायतों में महिला नेतृत्व की भूमिका रहेगी। आरक्षण घोषित होने के बाद अब इन पंचायतों में महिला उम्मीदवारों के नामों को लेकर चर्चा शुरू होगी। कई जगह परिवार के लोग भी चुनावी तैयारी में जुट सकते हैं। वहीं स्थानीय स्तर पर राजनीतिक दल भी अब संभावित उम्मीदवारों को लेकर रणनीति बनाएंगे। आरक्षण के बाद गांवों में शुरू होगा चुनावी माहौल सरपंच पदों का आरक्षण तय होने के बाद अब गांवों में पंचायत चुनाव की गतिविधियां तेज होंगी। संभावित उम्मीदवार लोगों से संपर्क बढ़ाएंगे और गांवों में बैठकों का दौर शुरू होगा। राजनीतिक दल और स्थानीय नेता भी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होंगे। आरक्षण प्रक्रिया पंचायत चुनाव का सबसे अहम चरण माना जाता है, क्योंकि इसी के बाद उम्मीदवारों की दावेदारी और चुनावी समीकरण तय होते हैं। चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति में अब 53 ग्राम पंचायतों के लिए चुनावी तस्वीर सामने आ गई है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के नाम और स्थानीय समीकरण भी स्पष्ट होने लगेंगे। जिले की 359 ग्राम पंचायतों में सरपंच और 3159 वार्ड पंच पदों का आरक्षण तय चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति के साथ ही पूरे जिले की 359 ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों और 3159 वार्ड पंच पदों का आरक्षण भी पूरा कर लिया गया। जिले की 11 पंचायत समितियों के संबंधित ब्लॉक मुख्यालयों पर लॉटरी प्रक्रिया कराई गई। पंचायत समिति क्षेत्र के अनुसार आरक्षण चक्र लागू कर ग्राम पंचायतों में सरपंच पद का वर्ग तय किया गया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि जिले की किस पंचायत में कौन से वर्ग का उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेगा। जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों के आरक्षण की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी थी। अब ग्राम पंचायत स्तर पर आरक्षण पूरा होने के बाद जिले में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज होने की संभावना है। पंचायत समिति चित्तौड़गढ़