राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज चुनाव कार्यक्रम में बदलाव करते हुए धनतेरस के दिन होने वाली आम वोटिंग को एक दिन पहले कर दिया है। पहले जारी कार्यक्रम के अनुसार तीसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 4 नवंबर तथा पंच-सरपंच पद के लिए मतदान 6 नवंबर को होना था। संशोधित कार्यक्रम में अब जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 3 नवंबर और पंच-सरपंच पद के लिए मतदान 5 नवंबर को कराया जाएगा। यानी अब धनतेरस के दिन आम मतदाताओं को वोट डालने नहीं जाना पड़ेगा। चित्तौड़गढ़ की 5 पंचायत समितियों में 3 नवंबर को मतदान संशोधित कार्यक्रम के अनुसार जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए चित्तौड़गढ़, भदेसर, कपासन, राशमी और भूपालसागर पंचायत समितियों में 3 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। वहीं बेगूं, भैंसरोड़गढ़, गंगरार, निम्बाहेड़ा, डूंगला और बड़ी सादड़ी पंचायत समितियों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 14 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। धनतेरस पर सिर्फ उपसरपंच का चुनाव संशोधित कार्यक्रम के अनुसार धनतेरस के दिन केवल उपसरपंच का चुनाव होगा। इसमें आम जनता मतदान नहीं करती, बल्कि चुनाव जीतकर आए पंच अपने बीच मतदान कर उपसरपंच चुनते हैं। ऐसे में गांवों में आम वोटिंग नहीं होगी और लोग बिना चुनावी व्यस्तता के धनतेरस मना सकेंगे। आयोग ने त्योहार और चुनाव एक ही दिन होने से होने वाली परेशानी को देखते हुए यह बदलाव किया है। तीसरे चरण में जिन पंचायतों में पहले धनतेरस पर मतदान होना था, वहां अब वोटिंग एक दिन पहले पूरी हो जाएगी। इससे चुनावी प्रक्रिया भी प्रभावित नहीं होगी और त्योहार सामान्य तरीके से मनाया जा सकेगा। पंच-सरपंच का चुनाव 5 नवंबर को वार्ड पंच और सरपंच पद के लिए चित्तौड़गढ़, भदेसर, कपासन, राशमी और भूपालसागर पंचायत समितियों में 5 नवंबर को मतदान होगा। वहीं बेगूं, भैंसरोड़गढ़, गंगरार, निम्बाहेड़ा, डूंगला और बड़ी सादड़ी पंचायत समितियों में पंच-सरपंच के लिए 16 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। पंच और सरपंच चुनाव की मतगणना मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद की जाएगी।