पीएमश्री स्कूलों की बालिकाओं को आत्मरक्षा में सक्षम बनाने के उद्देश्य से चूरू के सोती भवन में शुक्रवार को सात दिवसीय जिला स्तरीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। शिविर में पीएमश्री स्कूलों की शिक्षिकाओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे आगे छात्राओं को भी इन तकनीकों में दक्ष बना सकें। इसका उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता, साहस और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। छात्राओं को पूरी लगन से सिखाएं आत्मरक्षा के गुर समग्र शिक्षा, चूरू की अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक सरिता आत्रेय ने कहा कि देश की आधी आबादी की सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बेहद उपयोगी है। उन्होंने शिक्षिकाओं से आह्वान किया कि वे शिविर में सीखी गई तकनीकों को स्कूलों में छात्राओं तक पहुंचाएं और उन्हें पूरी लगन से आत्मरक्षा के गुर सिखाएं। आत्रेय ने महिलाओं से गार्गी, मैत्रेयी और अहिल्याबाई जैसे आदर्शों को अपनाने का भी आह्वान किया। दैनिक जीवन में आत्मरक्षा का प्रशिक्षण महत्वपूर्ण शिविर में एपीसी सूर्यकांत चोटिया ने महिलाओं को सबल बताते हुए उनकी क्षमता और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। वहीं, नरेंद्र शर्मा ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण को दैनिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा की तकनीकों का ज्ञान मुश्किल परिस्थितियों में खुद की सुरक्षा करने में मददगार हो सकता है। व्यावहारिक तकनीकों का दिया जा रहा प्रशिक्षण शिविर के दौरान प्रतिभागियों को आत्मरक्षा की अलग-अलग तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य शिक्षिकाओं को प्रशिक्षित कर स्कूलों की बालिकाओं तक आत्मरक्षा का प्रशिक्षण पहुंचाना है, ताकि छात्राएं विपरीत परिस्थितियों में सजगता और साहस के साथ अपनी सुरक्षा कर सकें।