चूरू के रतननगर थाना क्षेत्र में नाबालिग के लापता होने के मामले के बीच उसके चाचा ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि नाबालिग की गुमशुदगी के मामले में सोमवार को थाने पहुंचे चाचा को थाने के बाहर एक युवक ने जान से मारने की धमकी दी थी। इसके अगले ही दिन मंगलवार सुबह मानसिक तनाव में चाचा ने ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी। 27 सितंबर को लापता हुई थी नाबालिग मृतक के भाई ने रतननगर थाने में शिकायत दी है। शिकायत के अनुसार, उसकी नाबालिग बेटी 27 सितंबर को लापता हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने 28 सितंबर को रतननगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। थाने के बाहर दी जान से मारने की धमकी परिजनों का आरोप है कि 28 सितंबर की शाम करीब 7:30 बजे थाने के बाहर एक युवक ने नाबालिग के चाचा को रोक लिया। आरोप है कि युवक ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद परिजनों में चिंता का माहौल बन गया। सुबह ट्रेन के आगे कूदे परिजनों के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 8 बजे महनसर अंडरपास के पास नाबालिग के चाचा ने महनसर अंडरपास के पास जयपुर-चूरू ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर रतननगर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। धमकी और आत्महत्या की वजह की जांच मृतक के भाई की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस थाने के बाहर दी गई कथित धमकी और चाचा द्वारा आत्महत्या किए जाने के बीच की परिस्थितियों की जांच कर रही है। साथ ही आत्महत्या की वजह और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।