जिला कलेक्टर काना राम ने बुधवार को पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास विभागों के कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य बजट घोषणाओं के अनुरूप विभिन्न पंचायत समितियों और ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर अमृत पोषण वाटिकाओं, अमृता हाट बाजार, ग्रामीण पुस्तकालयों और संजीवनी पार्कों की स्थापना का कार्य जल्द शुरू किया जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में इसके लिए स्थान चिन्हित हो चुके हैं, वहां अगले सप्ताह ही शिलान्यास कार्य करवाए जाएं और शेष स्थानों पर चयन प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए। साथ ही, पंचायत समिति स्तर पर नर्सरी और कांजी हाउस के निर्माण के लिए भी उपयुक्त स्थान चिन्हित करने को कहा गया। आवास योजना व श्रमिकों के नियोजन पर जोर विकसित भारत जीरामजी योजना के तहत कम श्रमिकों के नियोजन पर असंतोष जताते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों और आदर्श पोषण वाटिकाओं में इन श्रमिकों को नियोजित किया जाए। उन्होंने प्रथम किश्त प्राप्त कर चुके लाभार्थियों को निर्माण जल्द शुरू करने और द्वितीय किश्त वाले कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, आगामी 17 से 25 सितंबर तक आयोजित होने वाले ग्रामीण सेवा शिविरों के दौरान आवास के नए आवेदनों का पात्रता सत्यापन गंभीरता से पूरा करने को कहा। जल संरक्षण व स्वच्छता कार्यों में कोताही नहीं बैठक में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान, जल संचय-जन भागीदारी अभियान और कर्मभूमि से मातृभूमि योजनाओं के तहत जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सार्वजनिक स्थानों पर शौचालयों के निर्माण, मरम्मत, बर्तन बैंकों के संचालन और मल शोधन प्लांट की स्थापना में देरी पर असंतोष जताया गया। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहित कासनिया सहित अन्य ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।