देशभर में राहुल गांधी की ओर से चलाए जा रहे ‘वोट चोर’ अभियान के तहत मंगलवार को भीलवाड़ा में शहर कांग्रेस की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यालय से कार्यकर्ताओं ने विरोध रैली निकाली, जो नारेबाजी करते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंची। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर वोट चोरी के आरोप लगाए और पुतलों का दहन किया। एसआईआर के जरिए 11 करोड़ वोटर्स के नाम काटने का आरोप कांग्रेस शहर अध्यक्ष जीपी खटीक ने कहा- राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे पिछले तीन साल से देश के नागरिकों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में एसआईआर के जरिए 11 करोड़ वोटर्स के नाम काटे गए हैं, जो शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 महीने में 14 बार हाईकोर्ट में आपत्तियां लगाई गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, हालिया रिपोर्टिंग के अनुसार दो चुनाव आयुक्तों ने एसआईआर से जुड़े निर्णयों को लेकर 10 महीने में कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। हरियाणा, बंगाल और बिहार में वोट चोरी का आरोप जीपी खटीक ने आरोप लगाया कि वोट चोरी के जरिए सरकारें बनाई जाती रही हैं। उन्होंने हरियाणा, बंगाल और बिहार का जिक्र करते हुए कहा कि इन राज्यों में वोट चोरी कर सरकारें बनाई गईं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी युवाओं और उन लोगों की लड़ाई लड़ रहे हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने का काम एक सरकार को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग खटीक ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और टीकाराम जूली ने राज्य निर्वाचन आयोग का घेराव किया था। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा से भी कई गिरफ्तारियां हुई हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कार्यालय से पैदल मार्च निकाला और जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्र सरकार का पुतला फूंका गया। 17 सिंबल के विवाद पर बोले जीपी खटीक भीलवाड़ा में 17 सिंबल के विवाद को लेकर जिला अध्यक्ष जीपी खटीक ने कहा कि 17 सिंबल कांग्रेस की ओर से दिए गए थे और वे पार्टी के पास आए थे। उन्होंने कहा कि पार्टी नेता और प्रभारी साथ थे, लेकिन कुछ त्रुटियां रह गईं। उन्होंने बताया कि इसमें वार्ड नंबर और तारीख को लेकर गफलत हुई थी। निर्वाचन अधिकारी ने सिंबल लिए जाने की बात कही थी, लेकिन बाद में कांग्रेस के सिंबल नहीं लिए गए। खटीक ने आरोप लगाया कि प्रशासन राज्य सरकार के दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि दो साल में कांग्रेस की सरकार आने वाली है और तब इसका जवाब देना होगा। टिकट वितरण पर बोले- जनता का जनादेश स्वीकार पीसीसी मेंबर के प्रदर्शन को लेकर सवाल पूछे जाने पर जीपी खटीक ने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप चलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि टिकट का वितरण पार्टी के शीर्ष नेताओं के निर्देश पर किया गया था। कांग्रेस के नेता और प्रत्याशी चुनाव हार गए, जिसे वे जनता का जनादेश मानकर स्वीकार करते हैं।