जिले की नई बनी नगर पालिका दूनी में अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले बाड़ाबंदी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा के टिकट पर पार्षद निर्वाचित हुई अर्चना बड़गूजर ने कांग्रेस के समर्थन से अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद से शुरू हुआ घमासान अब उनकी रिहाई की मांग के साथ जारी है। दरअसल शनिवार को देवली ब्लॉक कांग्रेस से जुड़े नेता अर्चना के ससुर रघुनाथ खटीक, पत्नी व अन्य परिजनों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) टीना डाबी के नाम एडीएम विनोद कुमार मीणा को ज्ञापन सौंपकर बताया कि बहू का ढाई साल के बेटे व 10 साल की बेटी का मां की याद में रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं अध्यक्ष के नामांकन प्रक्रिया के बाद उनका बेटा भी घर पर नहीं आया है। ऐसे में परिवार आशंकित है, बहू-बेटे के लंबे समय से घर बाहर होने पर एडीएम के समक्ष सास ने बताया कि वह छोटे बच्चों को कैसे संभाले है। बहू ने अपनी विवेक से भाजपा, छोड़कर कांग्रेस से नामांकन दाखिल किया। लेकिन भाजपा के नेता व जनप्रतिनिधि अपना बोर्ड बनाने के चक्कर में पुलिस का सहारा लेकर नियम विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनकी बहू को परिवार से दूर कर रखा हुआ है। उन्होंने अर्चना का जल्द से जल्द बाड़ेबंदी से मुक्त कर परिवार तक पहुंचाने की मांग जिला निर्वाचन अधिकारी से की है। इसी प्रकार ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष महादेव मीणा सहित कार्यकर्ताओं ने अर्चना को स्वतंत्र रूप से चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने देने की मांग की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं व परिजनों ने नारेबाजी कर विरोध जताया। इस दौरान साथ हंसराज, सौभाग, प्रभुलाल, गोपाल लड्डू, रामस्वरुप, नीरज मीणा, बुद्धिप्रकाश आदि मौजूद रहे। कांग्रेस नेता महादेव मीणा ने बताया कि अर्चना भाजपा की पुष्कर बाड़ाबंदी से निकलकर दूनी में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करने आ रही थीं। इस दौरान अजमेर जिले की सरवाड़ पुलिस ने उन्हें रोक लिया गया। घटनाक्रम से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात भी कांग्रेस ने कही। परिजनों और कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि अर्चना को स्वतंत्र रूप से नामांकन प्रक्रिया में शामिल नहीं होने दिया गया। हालांकि, अर्चना की ओर से उनके प्रस्तावक के जरिए अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया गया। 12 भाजपा-6 कांग्रेस और 2 निर्दलीय, बहुमत का आंकड़ा 11 : दूनी नगरपालिका के पहले चुनाव में कुल 20 वार्डों के परिणाम सामने आए। भाजपा ने 12 वार्ड जीतकर बहुमत के लिए जरूरी 11 के आंकड़े से एक अधिक सीट हासिल की, जबकि कांग्रेस को 6 और निर्दलीयों को 2 सीटें मिलीं। इसके बावजूद अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के समर्थन से भाजपा पार्षद अर्चना बडग़ुर्जर का नामांकन सामने आने से राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। अब दोनों दल पार्षदों के समर्थन को लेकर सक्रिय हैं। अध्यक्ष पद के लिए मतदान 21 सितंबर को होगा। सरवाड़ में रोकने का आरोप ^कांग्रेस अध्यक्ष पद प्रत्याशी के परिजनों व ग्रामीणों ने सरवाड़ पुलिस पर प्रत्याशी को रोकने का आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपा है। मामले में संबंधित जिले के प्रशासन व पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर तथ्य जांचे जाएंगे। वायरल वीडियो की जानकारी नहीं है, प्रत्याशी को चुनाव प्रक्रिया में अपने अधिकार मिलने चाहिए। परिजनों ने जो आरोप लगाए है, पूरे मामले की नियमानुसार व निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। - विनोद कुमार मीणा, एडीएम, टोंक