प्रदेश में चिकित्सा व्यवस्थाओं और सरकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. चंद्रभान ने दावा किया कि पिछले पांच महीने में प्रदेश में 100 से ज्यादा गर्भवती महिलाओं की मौत हो चुकी है। उन्होंने इसे चिंताजनक बताते हुए सरकारी चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की जरूरत जताई। बूंदी दौरे पर पहुंचे डॉ. चंद्रभान का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण और पुष्पवृष्टि कर अभिनंदन किया। मुफ्त दवा योजना के बावजूद दवाओं की कमी का आरोप डॉ. चंद्रभान ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मुफ्त दवा योजना शुरू की गई थी, लेकिन अब सरकारी अस्पतालों में कई जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने चिकित्सा सेवाओं में अव्यवस्थाओं का आरोप लगाते हुए सरकार से व्यवस्था सुधारने की मांग की। घटिया दवाओं की सप्लाई का आरोप जिला कांग्रेस अध्यक्ष महावीर मीणा ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि घटिया दवाइयों की सप्लाई के कारण मरीजों की जान जा रही है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य चर्मेश शर्मा ने कहा कि चिकित्सा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार संघर्ष करने की जरूरत है। चिकित्सा व्यवस्था को जवाबदेह बनाने पर जोर बूंदी जिलाध्यक्ष यासीन कुरैशी ने चिकित्सा प्रकोष्ठ की गतिविधियों की जानकारी दी। बाबूलाल वर्मा और रविंद्र चतुर्वेदी ने भी चिकित्सा व्यवस्था को जवाबदेह बनाने और सरकारी अस्पतालों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत डॉ. चंद्रभान के चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार बूंदी आगमन पर उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर एससी प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव डॉ. डीके मेघवाल, पूर्व जिला परिषद सदस्य महेश दाधीच, राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव एवं पार्षद अंकित बूलीवाल, पार्षद मयंक सुवालका, वक्फ बोर्ड उपाध्यक्ष हारून खान, सामाजिक न्याय प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव गयासुद्दीन भट्टी, युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष जोनेश मीणा, उपाध्यक्ष सुजल वर्मा, जिला महासचिव समीर पठान, ब्लॉक उपाध्यक्ष गुलाम यजदानी, सत्यम वैष्णव, अमन राठौर, मुस्लिम महासभा के जिलाध्यक्ष शोएब खान, कांग्रेस नेता महेंद्र वैष्णव, रोहित शर्मा, नंदकिशोर गुर्जर, आकाश सुवालका, धर्मेंद्र सुवालका, शाहनवाज खान, अरशान अली, अल्तमश रहमान और रियाज अली सहित अन्य लोगों ने भी विचार व्यक्त किए।