झुंझुनूं में नगर निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस में टिकट की दौड़ तेज हो गई है। पिछले तीन दिनों में 182 दावेदारों ने आवेदन किए हैं। इनमें पूर्व पार्षद और वरिष्ठ नेताओं के साथ पहली बार चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे नए चेहरे भी शामिल हैं। कई वार्डों में एक सीट के लिए 3 से 5 दावेदार होने से संगठन के सामने जीत की क्षमता, सामाजिक समीकरण और स्थानीय पकड़ के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है। दिग्गजों को भी रोज लगानी पड़ रही हाजिरी इस बार टिकट की दौड़ सिर्फ नए चेहरों तक सीमित नहीं है। कई पूर्व पार्षद, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और लंबे समय से संगठन से जुड़े कार्यकर्ता भी रोज कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर अपनी सक्रियता दिखा रहे हैं। कोई समर्थकों के साथ पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन कर रहा है तो कोई वरिष्ठ नेताओं से व्यक्तिगत मुलाकात कर टिकट की पैरवी में जुटा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार टिकट वितरण में जीतने की क्षमता, संगठन में सक्रियता, सामाजिक समीकरण और स्थानीय स्तर पर स्वीकार्यता जैसे बिंदुओं को खास तवज्जो दी जा रही है। कुछ वार्डों में बदली रणनीति, नए चेहरों को मौका इस चुनाव में कांग्रेस कुछ वार्डों में अपनी परंपरागत रणनीति से हटकर फैसला कर सकती है। नए चेहरों को मौका देने पर भी पार्टी विचार कर रही है। संगठन का मानना है कि नए प्रत्याशी स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं और मतदाताओं के बीच नई ऊर्जा के साथ चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि, संभावित बदलाव से कुछ पुराने दावेदारों में नाराजगी भी सामने आ रही है। संगठन की कोशिश है कि ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं को समझाकर साथ रखा जाए, ताकि चुनाव के दौरान पार्टी में एकजुटता बनी रहे। हर वार्ड का अपना चुनावी गणित झुंझुनूं नगर परिषद के 60 वार्डों में सामाजिक और राजनीतिक समीकरण अलग-अलग हैं। कहीं जातीय समीकरण प्रभावी हैं तो कहीं स्थानीय विकास, व्यक्तिगत संपर्क और संगठन में पकड़ प्रत्याशी की जीत-हार तय कर सकती है। इसी वजह से कांग्रेस टिकट वितरण को लेकर हर वार्ड के समीकरण को ध्यान में रखकर फैसला करने की तैयारी में है। दावेदारों के फीडबैक का काम जारी कांग्रेस की ओर से टिकट आवेदनों की जांच के साथ दावेदारों के फीडबैक लेने का काम भी तेजी से चल रहा है। पार्टी जल्द ही प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर सकती है। सूची जारी होने के बाद चुनाव प्रचार भी जोर पकड़ने की संभावना है। निकाय चुनाव की घोषणा के बाद झुंझुनूं की राजनीति पूरी तरह सक्रिय हो गई है। अब सभी की नजर कांग्रेस की टिकट सूची पर है, क्योंकि कई वार्डों में प्रत्याशियों के नाम सामने आने के बाद ही चुनावी मुकाबले की दिशा और राजनीतिक समीकरण साफ होंगे।