नगर परिषद चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने टिकट वितरण का ऐसा फॉर्मूला सामने रखा है, जिसने चुनावी चर्चा को नया मोड़ दे दिया है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि इस बार किसी भी वार्ड में बाहरी उम्मीदवार को प्राथमिकता नहीं मिलेगी। जिस वार्ड का कार्यकर्ता होगा, उसी वार्ड से उसे टिकट देने की कोशिश की जाएगी। इसके साथ ही सभापति पद को लेकर भी पार्टी ने पहली बार स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सामान्य वर्ग की सीट होने के कारण उम्मीदवार भी सामान्य वर्ग से ही बनाया जाएगा। रविवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में टिकट के इच्छुक नेताओं की भीड़ लगी रही। हेरिटेज जोन और सेंट्रल जोन के वार्डों से बड़ी संख्या में दावेदार अपने आवेदन लेकर पहुंचे। एक तरफ विधानसभा प्रभारी नरेंद्र सिंह गुढ़ा हर दावेदार से अलग-अलग बात करते रहे, वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया ने साफ शब्दों में कहा कि टिकट किसी एक नेता की पसंद से नहीं बंटेंगे। पूरी प्रक्रिया संगठन की सहमति से होगी और स्थानीय कार्यकर्ताओं को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाएगा। चुनाव से पहले कांग्रेस का यह संदेश इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले चुनावों में कई वार्डों में बाहरी या पैराशूट उम्मीदवारों को लेकर संगठन के भीतर नाराजगी देखने को मिली थी। इस बार पार्टी उसी गलती को दोहराना नहीं चाहती। वन-टू-वन इंटरव्यू से शुरू हुई टिकट की प्रक्रिया जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर चित्तौड़ विधानसभा के चारों मंडलों के लिए अलग-अलग दिन तय किए गए हैं। पहले दिन हेरिटेज जोन और सेंट्रल जोन के वार्डों के दावेदारों से आवेदन लिए गए। जबकि सोमवार को चंदेरिया जोन और साउथ जोन के दावेदारों से बात की जाएगी। विधानसभा प्रभारी नरेंद्र सिंह गुढ़ा ने हर दावेदार से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनका पक्ष सुना और आवेदन स्वीकार किए। सिसोदिया ने बताया कि पहले ही दिन करीब 40 से 50 दावेदार कार्यालय पहुंचे। लेकिन करीब 28 से ज्यादा लोगों ने अपनी दावेदारी पेश कर दी। उन्होंने कहा कि पार्टी की प्राथमिकता साफ है कि जिस वार्ड का व्यक्ति है, उसी वार्ड में उसे मौका दिया जाए। स्थानीय कार्यकर्ता जनता के बीच काम करता है और लोगों से उसका सीधा जुड़ाव होता है, इसलिए ऐसे चेहरों को आगे लाना संगठन के लिए बेहतर रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जहां सामान्य वर्ग का वार्ड होगा, वहां सामान्य वर्ग के उम्मीदवार को प्राथमिकता मिलेगी। इसी तरह सभापति पद के लिए भी सामान्य वर्ग का उम्मीदवार ही उतारने का प्रयास रहेगा। उन्होंने दो टूक कहा कि टिकट वितरण में व्यक्तिवाद नहीं चलेगा और किसी एक नेता की पसंद से फैसला नहीं होगा। सभी की राय और संगठन की सहमति के बाद ही उम्मीदवार तय किए जाएंगे। तीन नाम जाएंगे प्रदेश, फिर समिति करेगी अंतिम फैसला विधानसभा प्रभारी नरेंद्र सिंह गुढ़ा ने बताया कि टिकट वितरण की पूरी प्रक्रिया पहले से तय कर दी गई है। सभी इच्छुक दावेदार अपने आवेदन जिला कांग्रेस कार्यालय में आकर अपने बायो डेटा जमा कर रहे हैं। अलग-अलग मंडलों के आवेदन पूरे होने के बाद सभी नाम जिला कांग्रेस कमेटी के माध्यम से प्रदेश कांग्रेस को भेजे जाएंगे। वहां प्रत्येक वार्ड से तीन-तीन नामों का पैनल तैयार किया जाएगा। इसके बाद तीन सदस्यों की समिति इन नामों पर चर्चा करेगी और अंतिम रूप से एक उम्मीदवार को पार्टी का अधिकृत टिकट दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखी गई है ताकि किसी भी कार्यकर्ता को यह महसूस नहीं हो कि उसके साथ पक्षपात हुआ है। सोमवार को बाकी मंडलों के दावेदारों से भी आवेदन लिए जाएंगे। पहले दिन इन वार्डों से पहुंचे दावेदार जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष एहसान पठान ने बताया कि पहले दिन इन वार्डों से दावेदारों ने आवेदन जमा किए। - वार्ड 14 – अल्पेश गोस्वामी, नितिन वर्मा (अनारक्षित पुरुष) - वार्ड 15 – मोहसिन खान (अनारक्षित पुरुष) - वार्ड 16 – मोहम्मद फारूख नीलगर (OBC पुरुष) - वार्ड 17 – मोहम्मद फारूख नीलगर, महेंद्र सिंह मेड़तिया (अनारक्षित पुरुष) - वार्ड 19 – वर्षा कुमारी बैरवा (SC महिला) - वार्ड 26 – बबली कंवर (अनारक्षित महिला) - वार्ड 34 – सुमित मीणा (ST पुरुष) - वार्ड 37 – टिंकू धमानी (OBC पुरुष) - वार्ड 40 – रैना हसन (OBC महिला) - वार्ड 41 – नासिर खान, सोरा हुसैन, मोहम्मद सिद्दी खान, इरशाद मोहम्मद, अशरफ हुसैन (अनारक्षित पुरुष) - वार्ड 42 – शम्भूलाल प्रजापत, नितीश शर्मा (अनारक्षित पुरुष) - वार्ड 46 – जयमाला मोची (SC महिला) - वार्ड 47 – खुसरो कमाल नीलगर, भागीरथ मोची (अनारक्षित पुरुष) - वार्ड 48 – इम्तियाज़ हुसैन लोहार, मोहम्मद आरिफ कुक्का, नवरतन जीनगर (अनारक्षित पुरुष) - वार्ड 50 – अरुण खंडारा, दिनेश सिसोदिया, वासु लोट (SC पुरुष) - वार्ड 55 – जीतू कीर (अनारक्षित पुरुष) एहसान पठान ने बताया कि अन्य वार्डों के इच्छुक दावेदार सोमवार को जिला कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर अपने आवेदन जमा करेंगे। आने वाले दिनों में सभी चारों मंडलों के आवेदन पूरे होने के बाद टिकट की दौड़ और भी दिलचस्प होने वाली है। फिलहाल कांग्रेस ने स्थानीय चेहरों को प्राथमिकता देने और सामूहिक सहमति से टिकट बांटने का संदेश देकर नगर परिषद चुनाव से पहले अपने संगठन को एकजुट रखने की कोशिश शुरू कर दी है। ऐसे में अब सबसे बड़ी नजर इस बात पर रहेगी कि पार्टी अपने घोषित फॉर्मूले पर कितनी मजबूती से कायम रहती है और अंतिम टिकट वितरण में यह रणनीति कितनी दिखाई देती है।