मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली, मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी और विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी टोंक की ओर से सोमवार को प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क में धरना दिया। इसके बाद घंटाघर चौराहे से जिला निर्वाचन कार्यालय तक ज्ञानेश कुमार की सांकेतिक शवयात्रा निकालकर पुतला दहन किया। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की। देश के कई हिस्सों में भी कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में प्रदर्शन किए हैं। धरने को संबोधित करते हुए पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिप्रसाद बैरवा ने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता के बल पर देश में तानाशाही का माहौल बना रही है। उन्होंने मतदाता सूचियों में करीब 13 करोड़ नामों में कथित हेरफेर का आरोप लगाया। उन्होंने जांच की मांग की। प्रदेश उपाध्यक्ष के. रामविलास चौधरी ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा मुख्य निर्वाचन आयुक्त का बचाव कर रही है। निर्वाचन आयोग ने ऐसे आरोपों को खारिज किया है। आयोग ने कहा है कि उसके निर्णय वैधानिक प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। इस कांग्रेस के करीब 150 पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद नजर आए। कई पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि इस कार्यक्रम से दूर रहे। किदवई पार्क में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश उपाध्यक्ष जब भाषण देने खड़े हुए तो अधिकांश कार्यकर्ता इधर-उधर हो गए। उन्हें सुनने वाले जाजम पर बैठे कार्यकर्ता कम नजर आए। हाल ही में हुए चुनाव में जीते कांग्रेस के पार्षदों की संख्या भी पूरी नजर नहीं आई। इस दौरान सभापति मयंक गोयल, सेवादल अध्यक्ष अब्दुल खालिक, ब्लॉक अध्यक्ष कैलाशी मीणा, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष हंसराज गुंजन, अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष बरकत हसीन, इम्तियाज खान सहित कांग्रेस के पदाधिकारियों ने विचार व्यक्त किए।