जाहरवीर गोगाजी की जन्मस्थली ददरेवा में चल रहे लक्खी मेले के दूसरे चरण का समापन रविवार को नवमी की धोक के साथ हुआ। हाथों में निशान और मन में गोगाजी के प्रति श्रद्धा लिए पहुंचे जातरुओं के जयकारों से मेला क्षेत्र गूंजता रहा। अष्टमी और नवमी पर गोगाजी मंदिर, गोरक्ष टीला व गोरख गंगा क्षेत्र में दिनभर भीड़ रही। जातरुओं ने पहले गोरख गंगा में स्नान किया और इसके बाद गोरक्ष टीला पहुंचकर गुरु गोरखनाथ के दर्शन किए। यहां से जातरू जाहरवीर गोगाजी के मंदिर पहुंचे और धोक लगाकर प्रसाद चढ़ाया। मेले के इस चरण में दिल्ली और हरियाणा के साथ उत्तर प्रदेश से आने वाले जातरुओं की संख्या भी अधिक रही। इस बार दूसरे चरण में भी उत्तर प्रदेश सहित कई क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जातरू पहुंचे। नवमी की धोक के साथ मेले का मुख्य चरण संपन्न हो गया, हालांकि गोगाजी के दरबार में जातरुओं के आने का सिलसिला अभी कुछ दिन जारी रहेगा।