जोधपुर जिले में डांगियावास थाना क्षेत्र के बिसलपुर स्थित श्री संभवनाथ राधे गोविंद गौशाला में फर्जीवाड़ा कर 1 करोड़ से ज्यादा राशि और सरकारी अनुदान हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया। कोर्ट के इस्तगासे के जरिए बुधवार को पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दरअसल, गौशाला के अध्यक्ष संत धर्मानंद महाराज के निधन के बाद आरोपियों पर फर्जी कार्यकारिणी बनाकर दान और अनुदान की राशि अपने खातों में ट्रांसफर करने का आरोप लगा है। जांच अधिकारी एएसआई परमेश्वर लाल ने बताया कि परिवादी की ओर से इस्तगासे के जरिए मामला दर्ज करवाया गया है। जिसमें स्वामी रामप्रकाश, रामविचार महाराज सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। FIR के मुताबिक, आरोपी स्वामी रामप्रकाश ने खुद को अध्यक्ष और अपने भाई रामविचार को कोषाध्यक्ष बना लिया। इसके बाद महाराज के निधन के समय बैंक खाते में जमा करीब 45 लाख रुपए निकाल लिए। वही मार्च 2026 में सरकार द्वारा गौशाला को जारी किया गया करीब 42 लाख रुपए का अनुदान भी आरोपियों ने खुर्द-बुर्द कर दिया। जानिए, क्या है पूरा मामला नांदड़ी बनाड़ निवासी गौभक्त और परिवादी जोराराम पुत्र मांगीलाल ने डांगियावास थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि वे लंबे समय से संत धर्मानंद जी महाराज के सान्निध्य में गौशाला में निस्वार्थ सेवा दे रहे थे। संत के देवलोकगमन के बाद आरोपी रामप्रकाश, रामविचार, कालूराम, नथमल और हरिभजन ने षड्यंत्र रचकर एक फर्जी कार्यकारिणी का गठन कर लिया। परिवादी जोराराम ने बताया कि रामविचार और रामप्रकाश महाराज दोनों सगे भाई है और कथा करते हैं। इन्होंने फर्जीवाड़ा कर एक अध्यक्ष बन गया और दूसरा कोषाध्यक्ष बन गया। जिसमें हमारी पूर्व की कार्यकारिणी बनी हुई थी। उसकी जगह नई कार्यकारिणी बना दी। जिसमें धर्मानंन महाराज पहले गौशाला चलाते थे। उनके जीवित रहते एक कमेटी बनी हुई थी, जिसमें मैं अध्यक्ष था। धर्मानंद महाराज का 14 फरवरी 2025 में निधन हो गया था। उस समय कोषाध्यक्ष मोडाराम जाणी थे, उनका भी 17 मार्च 2025 को निधन हो गया था। उसके बाद पांचों आरोपी जिनमें रामप्रकाश (कथावाचक) पुत्र रेंवतराम देवासी, रामविचार (कथावाचक) पुत्र रेंवतराम देवासी निवासी उम्मेदनगर और कालूराम पुत्र लादूराम मेघवाल निवासी बिसलपुर, नथमल शर्मा निवासी खोखरिया व गौशाला अकाउंटेंट हरिभजन निवासी मेड़ता ने मिलकर फर्जी कार्यकारिणी बनाई। इस तरह से किया गया पूरा फर्जीवाड़ा आरोपियों ने 7 मई 2025 को नई कार्यकारिणी रजिस्ट्रार ऑफिस से अप्रूव करवाई। जिसमें पहले वाली कार्यकारिणी में बाधाराम छिणंग बिरडावास व मोडाराम जाणी बिसलपुर जो कि कार्यकारिणी के सदस्य थे। उनको न तो नोटिस दिया और न ही उन्होंने इस्तीफा दिया, इसके बजाय फर्जी कार्यकारिणी में उनका नाम हटा दिया। जबकि श्री संभवनाथ राधेगोविंद गौशाला समिति बिसलपुर की पूर्व कार्यकारिणी में वो मेंबर थे। गौशाला में फर्जी गायें बताकर अनुदान ले लेते। गौशाला में 450 गायें थी, उनकी जगह 1000 गायें बताकर अनुदान ले लिया। जब इसको लेकर जांच हुई तो उन्होंने दूसरी जगहों से गायें गौशाला मंगवाकर फर्जीवाड़ा छिपाने का प्रयास किया। इसके अलावा अनुदान प्राप्त करने के लिए उन्होंने निर्धारित प्रपत्र में भी फर्जीवाड़ा किया। फाॅर्म में भी गलत जानकारी देकर अनुदान उठा लिया। इसकी पूरी जांच हो तो फर्जीवाड़े का खुलासा हो जाएगा।