दौसा जिला अस्पताल के नर्सेज ने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी पर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। नर्सेज एसोसिएशन के नेतृत्व में शनिवार को जिला अस्पताल के नर्सिंग कार्मिकों ने मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाधान के लिए बनाई गई पांच सदस्यीय कमेटी की प्रक्रिया को नजरअंदाज किया गया। इसी के साथ कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और एसीआर खराब करने की धमकी के भी आरोप लगाए हैं। सभी ने मामले में जिला कलेक्टर से कार्रवाई की मांग की है। ये आरोप लगाए… एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष महेन्द्र मीणा ने आरोप लगाया कि पूर्व में नर्सेज से संबंधित शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था, लेकिन कमेटी की प्रक्रिया को नजरअंदाज किया गया। साथ ही नर्सिंग अधीक्षक ऑफिस से नर्सेज की ड्यूटी और वॉर्ड बदलने जैसे कार्य स्वयं के स्तर पर किए जाने और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और एसीआर खराब करने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया है। नर्सेज का कहना है कि इससे कर्मचारियों में डर का माहौल है और वे मानसिक तनाव में हैं। एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि नर्सिंग अधीक्षक पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। उनके खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए जा रहे हैं। नर्सेज ने जिला कलेक्टर से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। इन मांगों लेकर तकरार नर्सिंग कैडर के ड्यूटी रोस्टर, वार्ड परिवर्तन और नर्सिंग कार्मिकों से संबंधित गैर-वित्तीय आदेश पूर्व की तरह नर्सिंग अधीक्षक के जरिए किए जाएं। साथ ही प्रमुख चिकित्सा अधिकारी का नर्सेज के प्रति सकारात्मक रवैया रखने और नर्सिंग अधीक्षक के कार्यक्षेत्र में अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं करने की मांग की गई।