दौसा जिला अस्पताल में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) और नर्सिंग स्टाफ के बीच विवाद गहरा गया है। नर्सिंगकर्मियों ने पीएमओ पर नर्सिंग अधीक्षक के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया है। विरोध के चलते नर्सिंग स्टाफ लगातार काली पट्टी बांधकर ड्यूटी कर रहा है। ड्यूटी लगाने का अधिकार छीना नर्सिंगकर्मियों का आरोप है कि अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाने की जिम्मेदारी नर्सिंग अधीक्षक के पास होती है, लेकिन अब यह जिम्मेदारी उनसे ले ली गई है। इसे लेकर नर्सिंगकर्मियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था में इस तरह के हस्तक्षेप से नर्सिंग अधीक्षक की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। नर्सेज का आरोप है कि पूर्व में नर्सिंग कार्मिकों से जुड़े विवादों को लेकर पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था, लेकिन कमेटी की अनुशंसाओं को नजरअंदाज किया गया। नर्सेज का कहना है कि नर्सिंग अधीक्षक कार्यालय के कार्यक्षेत्र से जुड़े ड्यूटी रोस्टर एवं वार्ड परिवर्तन का कार्य भी अब स्वयं के स्तर पर किया जा रहा है। कार्रवाई की धमकी का आरोप नर्सिंगकर्मियों का आरोप है कि कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी भी दी जा रही है। इसके चलते नर्सिंग स्टाफ में भय का माहौल बना हुआ है। नर्सिंगकर्मियों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं और काली पट्टी बांधकर ड्यूटी कर अपना आक्रोश जता रहे हैं। कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष महेन्द्र मीणा नेतृत्व में नर्सिंगकर्मियों ने पूरे मामले में जिला कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की है। नर्सिंगकर्मियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। नर्सिंगकर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों और शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे भी विरोध जारी रखेंगे।