आरसीए की तरह ही अब जेडीसीए में भी एडहॉक कमेटी की मनमर्जी चल रही है। गुरुवार को जेडीसीए एडहॉक कमेटी के 6 सदस्यों ने मीटिंग कर जूनियर चीफ सलेक्टर्स सिद्धार्थ सर्राफ और सलेक्टर पंकज गुप्ता को निलंबित कर दिया। कोच विवेक शर्मा को भी पद से मुक्त कर दिया। खास बात है एडहॉक कमेटी की इस मीटिंग में खुद कन्वीनर राजेश कुमार ताम्बी उपस्थित नहीं थे। जेडीसीए एडहॉक कमेटी की बैठक में अंडर-16 और अंडर-19 टीमों के चयन को लेकर विवाद गहरा गया। एडहॉक कमेटी की मीटिंग में सुरेश शर्मा और माधव मित्र वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े थे। इससे पहले भी जेडीसीए की मनमानी के कारण दो अन्य चयनकर्ता और एक कोच ने सलेक्शन प्रोसेस से जुड़ने से मना कर दिया था। इसलिए आनन-फानन में अंडर-16 ट्रायल के दौरान दो नए सलेक्टर्स को जोड़ा गया। दोनों सलेक्टर्स को अंडर-16 की आगामी चयन प्रक्रिया से दूर रखने और भविष्य में जेडीसीए की चयन समिति में जिम्मेदारी नहीं देने का फैसला किया गया। कमेटी का आरोप; परफॉर्मर खिलाड़ियों को किया नजरअंदाज एडहॉक कमेटी के अनुसार, अंडर-19 टीम के चयन में दोनों चयनकर्ताओं ने अच्छे प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को नजरअंदाज कर पसंदीदा क्लबों और खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी। सिद्धार्थ सर्राफ वर्तमान में आरसीए में भी चयनकर्ता हैं। वैसे पिछले 5 मैचों में जयपुर टीम ने शानदार परफॉर्मेंस किया है फिर भी सलेक्टर्स को हटा दिया गया। अब जगसिमरण और अखिल लाम्बा को 29 से अंडर-19 के बाकी मैचों के लिए कोच नियुक्त किया। जयपुर अंडर-19 टीम के पिछले 5 मैचों में परफॉर्मेंस अंडर-19 चयन विवाद में नया मोड़, सलेक्शन में पक्षपात का आरोप लगाया, 5 मैच में कोच रहे विवेक को भी हटाया मैंने कन्वीनर राजेश तांबी के निर्देश पर मुख्य चयनकर्ता के रूप में पूरी ईमानदारी से काम किया। अंडर-19 डूंगरपुर शील्ड में टीम ने पांचों मैच जीते और सभी खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। ऐसे में किसी योग्य खिलाड़ी को हटाने का सवाल नहीं था। -सिद्धार्थ सर्राफ, चीफ सलेक्टर, जूनियर सलेक्शन कमेटी टीम 5 मैच जीती है और प्रदर्शन अच्छा है तो किसी योग्य खिलाड़ी को हटाने का आधार नहीं था। एडहॉक कमेटी के कुछ सदस्य रोज चयनकर्ताओं और कोच पर ऐसे खिलाड़ियों को मैच खिलाने का दबाव बनाते थे, जो सलेक्ट हुई टीम में शामिल भी नहीं थे। -पंकज गुप्ता, सलेक्टर, जूनियर सलेक्शन कमेटी