देशभर के पेंशनभोगियों ने लंबित मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। अखिल भारतीय स्टेट पेंशनर्स फैडरेशन (AISPF) के आह्वान पर (30 सितंबर) जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा। मांगें नहीं मानी गई तो इसके बाद 12 दिसंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली और 13 दिसंबर को संयुक्त राष्ट्रीय आंदोलन होगा। पेंशनर्स संगठनों ने सिर्फ पेंशन संशोधन ही नहीं, बल्कि पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, कोरोना काल के दौरान रोके गए 18 माह के डीए/डीआर का भुगतान, वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे और हवाई यात्रा में 50% छूट बहाल करने तथा कैश लेस चिकित्सा सुविधा जैसी मांगें भी उठाई हैं। संगठन का कहना है कि मार्च 2025 में पारित पेंशन नियम सत्यापन अधिनियम-2025 तथा UPS से पेंशनरों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। वहीं 8वें वेतन आयोग के कार्यक्षेत्र में पेंशन संशोधन को शामिल नहीं करने पर भी नाराजगी जताई गई है। {पेंशन नियम सत्यापन अधिनियम-2025 वापस लिया जाए। {NPS और UPS समाप्त कर OPS बहाल की जाए। {18 माह का लंबित डीए/डीआर भुगतान किया जाए। {DA/DR का 50% मूल पेंशन में जोड़ा जाए। {वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे और हवाई किराए में 50% रियायत फिर से मिले। {पेंशनरों के लिए कैश लेस चिकित्सा सुविधा लागू की जाए। {65 से 75 वर्ष तक उम्र के अनुसार अतिरिक्त पेंशन बढ़ोतरी दी जाए।