धौलपुर नगरपरिषद सभापति पद के लिए बुधवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई। सभापति पद के लिए कुल 8 उम्मीदवारों ने 9 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। इनमें कांग्रेस, बसपा और निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। भाजपा ने सभापति पद के लिए कोई प्रत्याशी नहीं उतारा है। नामांकन प्रक्रिया में पूर्व सभापति प्रतिनिधि निशांत चौधरी के साथ गिरीश गर्ग, कमलजीत और नरेंद्र जाट ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया है। कांग्रेस की सीमा शर्मा ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन करने के साथ ही कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर भी पर्चा भरा है। कांग्रेस से सत्यदेव कंसाना और शराफत ने भी नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। बसपा की ओर से सुभाष शर्मा ने भी सभापति पद के लिए नामांकन किया है। पार्षद का चुनाव हारा, सभापति का नामांकन किया खास बात यह है कि निर्दलीय प्रत्याशी नरेंद्र जाट नगरपरिषद पार्षद का चुनाव हारने के बाद भी सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल कर चुके हैं। वहीं एक और प्रत्याशी ऐसा है, जो वर्तमान में वार्ड पार्षद नहीं बना है और सभापति पद का चुनाव लड़ रहा है। नियमों के अनुसार, यदि ऐसा प्रत्याशी सभापति चुना जाता है, तो उसे 6 महीने के भीतर नगरपरिषद का सदस्य यानी पार्षद बनना होगा। नामांकनों की जांच के बाद स्थिति होगी साफ नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजनीतिक हलकों में सिंबल को लेकर भी चर्चा तेज है। सूत्रों ने बताया कि तय समय पूरा होने के बाद भी किसी भी पार्टी ने सिंबल जमा नहीं कराया है। ऐसे में कुछ प्रत्याशियों की उम्मीदवारी पर संशय बना हुआ है। हालांकि, इसकी असली स्थिति नामांकन पत्रों की जांच के बाद ही साफ होगी। यह प्रक्रिया उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेश राव की देखरेख में हुई। उन्होंने बताया कि अभी नामांकन पत्रों की जांच की जानी है। जांच के बाद ही सभापति पद के लिए मैदान में बचे प्रत्याशियों की अंतिम स्थिति सामने आएगी।