भास्कर न्यूज | राजसमंद श्री पुष्टिमार्गीय तृतीय पीठ प्रन्यास के द्वारकाधीश मंदिर में भाद्रपद शुक्ल पक्ष की छठ को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक चर्चा हुई। राजभोग दर्शन से पहले भीलवाड़ा से स्वामी समानंद गिरी महाराज, महेश्वर, शीतल जोशी, आचार्य शंकर मंदिर परिसर पहुंचे। कार्यालय परिसर के स्वागत कक्ष में संतों की अगवानी हुई। संपूर्ण भारत में होने वाली राष्ट्रव्यापी एकात्म यात्रा 2027 की रूपरेखा, उद्देश्य पर विस्तार से चर्चा हुई। मंदिर प्रबंधन ने परंपरा अनुसार स्वागत किया। आचार्य शंकर ने बताया कि विश्व भर में एकात्म भाव के जागरण के लिए 2027 में संपूर्ण भारत में एकात्म यात्रा का आयोजन तय हुआ है। सभी समस्याओं के मूल कारण भेद दृष्टि के निवारण का लक्ष्य रखा गया है। इसे संपूर्ण विश्व के कल्याण के लिए भारत का बड़ा संकल्प बताया गया। अभियान में देश की प्रमुख आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक संस्थाओं की भूमिका रहेगी। यात्रा में द्वादश ज्योतिर्लिंग, चार धाम, चार महाशक्तिपीठ, सप्तपुरियां, भारत के सभी प्रमुख आध्यात्मिक स्थल शामिल होंगे। स्वामी समानंद गिरी ने सनातन धर्म के उद्धारक जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के विग्रह एकात्मकता की मूर्ति का चित्र मुख्य समाधानी को समर्पित किया। मुख्य समाधानी ने प्रभु द्वारकाधीश, वल्लभाचार्य के इतिहास पर चर्चा की। तृतीय पीठाधीश्वर गोस्वामी डॉ. वागीश कुमार की आज्ञा से मुख्य समाधानी राजकुमार गोरवा ने स्वामी समानंद गिरी को प्रसादी टोकरी, प्रसादी बीड़ा देकर सम्मानित किया। मंदिर कार्यालय अधीक्षक बंशीलाल पालीवाल मौजूद रहे। जोधपुर में समय पर पहुंचने की प्रतिबद्धता के कारण संत बिना दर्शन किए आगे के मार्ग पर रवाना हो गए।