बालोतरा राजकीय नाहटा जिला अस्पताल में बुधवार को दिव्यांगजनों के यूडीआईडी प्रमाण पत्र बनाने के लिए विशेष शिविर आयोजित किया गया। शिविर में लोकोमोटर, दृष्टि एवं मानसिक विमंदित दिव्यांगता की जांच के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहे, इसमें कई देरी से पहुंचने पर दिव्यांगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शिविर में कुल 289 दिव्यांगजनों ने जांच करवाई। इसमें नैत्र संबंधी दिव्यांगता के 85, मानसिक बीमारी से संबंधित 48 व अस्थि/चलन संबंधी दिव्यांगता के 156 मरीज शामिल रहे। शिविर में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में दिव्यांगजन अपने परिजनों के साथ पहुंचे। संस्था के संस्थापक गौतमचंद प्रजापत ने बताया कि करीब 400 से अधिक दिव्यांगजन अलग-अलग क्षेत्रों से अस्पताल पहुंचे थे। कई लोग दूर-दराज के गांवों से कई किलोमीटर की यात्रा कर सुबह करीब 10 बजे अस्पताल पहुंचे। सामान्य कतार में घंटों इंतजार, कई लौटे | दिव्यांगजनों के लिए अलग व्यवस्था नहीं होने से उन्हें सामान्य मरीजों की तरह कतार में घंटों इंतजार करना पड़ा। बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से भी परेशानी हुई। ऐसे में कई दिव्यांगजन बिना जांच ही लौटे।