डूंगरपुर जिले में अघोषित बिजली कटौती के विरोध में चल रहा कांग्रेस विधायक गणेश घोगरा का धरना तीसरे दिन शनिवार को खत्म हो गया। यह धरना बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (एसई) के दफ्तर के बाहर चल रहा था। कलेक्टर के कहने पर डूंगरपुर एसडीएम सोनू गुर्जर और बिजली विभाग के एसई वी.के. दोसी ने विधायक से बात की। उनके आश्वासन के बाद विधायक मान गए और धरना खत्म कर दिया। एसडीएम ओर एसई के आश्वासन के बाद माने विधायक विधायक घोगरा ने बताया कि इलाके में लंबे समय से बिजली की बड़ी समस्या है। उन्होंने अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और कनिष्ठ अभियंता से कई बार बात की, लेकिन जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। अधिकारियों के ध्यान नहीं देने पर मजबूर होकर उन्हें 16 सितंबर को सरकार और प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा। धरने के तीसरे दिन, कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम सोनू गुर्जर और बिजली विभाग के एसई वी.के. दोसी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने विधायक को समझाया और भरोसा दिया कि बिजली कटौती होने पर कम से कम 21 से 22 घंटे सिंगल-फेज बिजली दी जाएगी। साथ ही, खेती और दूसरे कामों के लिए रोज 6 घंटे थ्री-फेज बिजली देने का वादा भी किया। इसके बाद विधायक गणेश घोगरा मान गए और धरना खत्म कर दिया। MLA घोघरा ने सरकार पर बोला हमला इस मौके पर विधायक ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि "डबल इंजन" और "पर्ची" सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। बिजली, स्वास्थ्य, चिकित्सा और रोजगार जैसे हर मोर्चे पर स्थिति खराब है। एक तरफ घंटों बिजली काटी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता को 2,500 रुपए से लेकर 10,000 और 15,000 रुपए तक के मनमाने बिजली बिल दिए जा रहे हैं। विधायक गणेश घोगरा ने साफ किया कि अगर बिजली विभाग अपना वादा पूरा नहीं करता है, तो वे आम जनता के साथ मिलकर और बड़ा आंदोलन करेंगे।