डूंगरपुर शहर की स्वच्छता व्यवस्था में 1 अक्टूबर से बदलाव होगा। नगरपरिषद अब घरों से कचरा अलग-अलग उठवाने की नई व्यवस्था लागू करेगी। 2800 से ज्यादा बीपीएल परिवारों को गीले और सूखे कचरे के लिए 2 अलग-अलग डस्टबिन दिए जाएंगे। इन डस्टबिन का वितरण 1 अक्टूबर को सुबह 11 बजे मैरिज हॉल में होगा। लाभार्थियों को डस्टबिन लेने के लिए अपना राशन कार्ड साथ लाना जरूरी है। नगर परिषद सभापति सुशीला गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता बोर्ड की प्राथमिकता है। घर से कचरा अलग होने पर संग्रहण से निस्तारण तक व्यवस्था सुधरेगी। इससे छंटाई का समय बचेगा और उपयोगी कचरे का दोबारा इस्तेमाल आसान होगा। नई व्यवस्था में घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग रखना होगा। गीले कचरे में रसोई का जैविक कचरा, सूखे कचरे में प्लास्टिक, कागज जैसी सामग्री होगी। कचरा वाहन आने पर दोनों तरह का कचरा अलग-अलग देना होगा। मिक्स कचरा दिया तो वाहन खाली लौटेगा नगर परिषद ने व्यवस्था को लेकर साफ कर दिया है कि अब कचरा संग्रहण वाहन में मिक्स कचरा स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभापति सुशीला गुप्ता ने कहा कि घर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग देना होगा। यदि कोई परिवार दोनों प्रकार का कचरा मिलाकर देगा तो उस घर से कचरा नहीं उठाया जाएगा। शुरुआत में लोगों को कचरा अलग करने की आदत डालने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन नियमित रूप से व्यवस्था लागू होने के बाद यह शहर की दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बन सकती है। दो डस्टबिन मिलने से परिवारों के लिए गीले और सूखे कचरे को अलग रखना भी आसान होगा। स्वच्छता की शुरुआत घर से करने का संदेश नगर परिषद की यह पहल कचरा संग्रहण व्यवस्था को केवल सफाईकर्मियों और कचरा वाहनों तक सीमित रखने के बजाय शहर के हर घर को स्वच्छता व्यवस्था का हिस्सा बनाने पर केंद्रित है। बीपीएल परिवारों से इसकी शुरुआत करते हुए परिषद का लक्ष्य घर से निकलने वाले कचरे को उसी समय अलग करवाना है, ताकि आगे की पूरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सके। 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली इस व्यवस्था के बाद कचरा संग्रहण में लोगों की भागीदारी और जिम्मेदारी भी बढ़ेगी।