डूंगरपुर शहर के नजदीक बालाडीट स्थित श्रीनाथ बंगलोज में 23 लाख रुपए के गहने और नकदी चोरी करने वाले दो शातिर बदमाशों को कोतवाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी गोपाल कृष्ण डामोर (25) और दिनेश खराड़ी (23) वारदात के बाद घने जंगल में मचान बनाकर छिपे हुए थे। पुलिस ने आधी रात को जंगल में दबिश देकर दोनों को पकड़ा। गिरफ्तारी के दौरान भागने की कोशिश में एक कॉन्स्टेबल गड्ढे में गिरकर घायल हो गया, जिसके सिर में दो टांके आए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों पर हत्या, चोरी, लूटपाट और चेन स्नेचिंग सहित 10 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपियों ने श्रीनाथ बंगलोज की चोरी के अलावा आठ अन्य वारदातें भी कबूल की हैं। पुलिस ने चोरी के गहने बरामद कर लिए हैं और गैंग के अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। बाथरूम से घुसे, घर में बनाया घी का ऑमलेट, फिर समेट ले गए गहने कोतवाली थानाधिकारी हिमांशु सिंह राजावत ने बताया कि 11 अक्टूबर की रात श्रीनाथ बंगलोज में लक्ष्मी प्रजापत के सूने मकान को निशाना बनाया गया था। आरोपी बाथरूम के रास्ते घर में घुसे। घर में ही घी का ऑमलेट बनाकर खाया और इसके बाद चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बदमाश 14 तोला सोने के गहने, करीब आधा किलो चांदी के जेवर, 11 हजार रुपए नकद और दो स्मार्टवॉच चोरी कर फरार हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। CCTV फुटेज से मिला सुराग, जंगल से गैंग ऑपरेट करने का पता चला वारदात के खुलासे के लिए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। संदिग्धों की पहचान के बाद गोपाल डामोर और दिनेश खराड़ी की गैंग के सक्रिय होने की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने साथियों के साथ जंगल में छिपकर गतिविधियां संचालित कर रहे थे। पुलिस ने उनके ठिकाने का पता लगाया और गिरफ्तारी के लिए रणनीति तैयार की। करीब 48 घंटे की छानबीन के बाद पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। रात 11 बजे बाद जंगल में दबिश, मचान से भागने लगे आरोपी पुलिस को पता चला कि आरोपी गेंजी से आगे गलंदर के घने जंगल में छिपे हुए हैं। पुलिस से बचने के लिए उन्होंने पेड़ों के बीच मचान बना रखा था। दिन में पुलिस की हलचल दिखाई देने पर वे भाग जाते थे। ऐसे में पुलिस टीम रात करीब 11 बजे के बाद जंगल में पहुंची। उस समय दोनों आरोपी मचान पर छिपे हुए थे। पुलिस के आने की भनक लगते ही उन्होंने भागने की कोशिश की। पुलिस ने घेराबंदी कर पीछा किया और दोनों को पकड़ लिया। इस दौरान आरोपी पुलिसकर्मियों से छूटकर भागने का प्रयास करते रहे। इसी बीच कॉन्स्टेबल पुष्पेंद्र सिंह गड्ढे में गिर गए, जिससे उनके सिर में चोट आई। घायल कॉन्स्टेबल के सिर में दो टांके लगाने पड़े। इसके बावजूद पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। पूछताछ में कबूली चोरी, गहने बरामद पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद भी दोनों आरोपी पूछताछ में गुमराह करते रहे। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने श्रीनाथ बंगलोज में लक्ष्मी प्रजापत के सूने मकान से गहने, नकदी और अन्य सामान चोरी करने की वारदात कबूल की। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी के गहने बरामद किए। पुलिस अब अन्य वारदातों और गैंग के दूसरे सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर रही है। गहने तौलकर बांटते थे, बेचकर मिली रकम से करते थे मौज-शौक पुलिस के अनुसार, आरोपी चोरी और लूट की वारदातों के बाद मिले गहनों और नकदी को आपस में बांट लेते थे। जेवर को तौलकर बराबर हिस्सों में बांटना या उन्हें बेचकर मिली रकम आपस में बांटना उनका तरीका था। इसी पैसे से वे गाड़ी के खर्चे और अपने मौज-शौक पूरे करते थे। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने अलग-अलग क्षेत्रों में कई वारदातों को अंजाम दिया है। हत्या से लेकर चेन स्नेचिंग तक के मामले दर्ज पुलिस के अनुसार, गोपाल कृष्ण डामोर पुत्र कांतिलाल डामोर, निवासी गेंजी फला नवाघरा, और दिनेश पुत्र डायालाल खराड़ी पर 27 फरवरी 2025 को रामसागड़ा थाना क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में भी आरोप हैं। दोनों के खिलाफ डूंगरपुर जिले के चौरासी, रामसागड़ा, कोतवाली, सरोदा, कुआं और बिछीवाड़ा थाना क्षेत्रों में चोरी, लूटपाट और चेन स्नेचिंग के मामले दर्ज हैं। इसके अलावा दिनेश खराड़ी के खिलाफ प्रतापगढ़ जिले के पीपलखूंट और बांसवाड़ा जिले के घाटोल में भी मामले दर्ज बताए गए हैं। आरोपियों ने इन आठ अन्य वारदातों को भी कबूला पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने श्रीनाथ बंगलोज की चोरी के अलावा निम्न वारदातों में शामिल होना भी स्वीकार किया है। - करीब एक महीने पहले भंडारिया गांव में किराना दुकान पर बैठी महिला के गले से चेन स्नेचिंग। - करीब एक महीने पहले हॉस्पिटल रोड पर महिला के गले से चेन स्नेचिंग। - वीकेबी गर्ल्स कॉलेज के सामने स्थित सरस डेयरी की दुकान में चोरी। - माथुगामड़ा रोड पर एक किराना दुकान के ताले तोड़ना। - थाणा मुख्य मार्ग पर एक दुकान के गल्ले से नकदी और परचूनी सामान चोरी करना। - गुजरात के हिम्मतनगर में एक रिहायशी मकान में चोरी। - अहमदाबाद के गोता इलाके में एक कैफे से जोमैटो और ब्लिंकिट फूड डिलीवरी कंपनियों का सामान चोरी करना। - उदयपुर हाईवे पर परसाद-टीडी क्षेत्र में स्कूटी सवार महिला से पर्स और रुपए लूटना। इन पुलिसकर्मियों की टीम ने 48 घंटे में किया खुलासा इस कार्रवाई में कोतवाली थानाधिकारी हिमांशु सिंह राजावत के साथ एसआई चंदूलाल, एएसआई दिलीप सिंह, गजराज सिंह, नारायणलाल, हेड कॉन्स्टेबल प्रहलाद सिंह और विशेष भूमिका निभाने वाले हेड कॉन्स्टेबल लक्ष्मण सिंह, नरेंद्र सिंह ओर पुष्पेंद्र सिंह शामिल रहे। तीनों पुलिसकर्मियों ने कई बार जंगल से आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई। कार्रवाई के दौरानपुष्पेंद्र सिंह तो घायल भी हो गए। इनके अलावा कॉन्स्टेबल सुरेंद्र सिंह, महिपाल सिंह, दिलीप सिंह, राजवीर सिंह, विकेंद्र सिंह और विशाल ने भी कार्रवाई में सहयोग किया। साइबर सेल से राहुल, भव्यराज सिंह और आदित्य की टीम ने तकनीकी जांच में मदद की। पुलिस टीम ने करीब 48 घंटे तक लगातार छानबीन कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। अब पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।