जोधपुर में वीर दुर्गादास राठौड़ की 388वीं जयंती समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 12 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। समारोह में 16 विद्यार्थियों को भी उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मान मिला, जबकि इस अवसर पर दो पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया। आयोजन में वीर दुर्गादास राठौड़ के व्यक्तित्व और उनके योगदान को याद किया गया। वक्ता बोले- सच्चा योद्धा वही है, जो हर परिस्थिति में अपने जीवन मूल्यों के लिए संघर्ष करता है दरअसल, गुरुवार को वीर दुर्गादास राठौड़ की 388वीं जयन्ती समारोह वीर दुर्गादास राठौड़ स्मृति समिति के तत्वावधान में मनाया गया। समारोह में वीर दुर्गादास पर भजन की प्रस्तुति दी गई। इसके साथ विभिन्न्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 12 प्रतिभाओं को वीर दुर्गादास राठौड़ सम्मान से सम्मानित किया गया। साथ ही 16 विद्योर्थियों को सम्मान मिला। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व राजपरिवार के सदस्य गजसिंह ने कहा कि वीर दुर्गादासजी जैसे व्यक्तित्व को शब्दों में नहीं बांधा जा सकता है। यह बहुत ही गर्व का विषय है कि ऐसे चरित्रवान, वीर का जन्म मारवाड़ की धरती पर हुआ, जिन्होंने अपने व्यक्तित्व से मारवाड़ के नाम को विश्व में प्रसिद्ध किया। दुर्गादास के व्यक्तित्व से हम संयम, धैर्य, सामाजिक बदलाव, सामाजिक व्यवस्थाओं को संवाद के माध्यम से सुलझाने की कला का अनुसरण कर सकते हैं। बहादुरी और शौर्यता से किया मुकाबला कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हैडक्वार्टर 12 कार्प्स, मेजर जनरल के.डी. जसपाल ने कहा कि दुर्गादास की युद्धनीति का अनुसरण आज फौज में भी किया जा रहा है। यह उनके व्यक्तित्व की पहचान है कि उन्होंने आज से 350 वर्ष पूर्व अपने स्वविवेक, बहादुरी, शौर्यता से अपने कम सैनिकों के साथ मुगल सेना से लोहा लिया। उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं को संबोधित करते हुए हम इतिहास और संस्कृति से जुड़कर ही विकास कर सकते हैं। आज ए.आई. से जुड़ना समय की जरूरत है, लेकिन हमें हमारी क्रिएटिविटी को बढ़ाना बंद नहीं करना चाहिए। सच्चा योद्धा वहीं है जो हर परिस्थिति में अपने जीवन मूल्यों को संघर्ष करे कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि संभागीय आयुक्त के.एल.स्वामी ने कहा कि सच्चा योद्धा वही है जो हर परिस्थिति में अपने जीवन मूल्यों को संघर्ष करे। दुर्गादास का व्यक्तित्व भी ऐसा ही है जिनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनके त्याग, तपस्या, स्वाभिमान, स्वामीभक्ति, राष्ट्रभक्ति जैसे गुणों से युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। वीर दुर्गादासस पर भजन की शानदार प्रस्तुति वीर दुर्गादास स्मृति समिति के अध्यक्ष डॉ. महेन्द्रसिंह तंवर ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत मसूरिया पहाड़ी पर स्थित वीर दुर्गादास राठौड़ की अश्वरोही प्रतिमा के पूजन के साथ हुआ, जहां गजसिंह ने प्रतिमा का पूजन कर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद मुख्य अतिथि, विषिष्ट अतिथि, शहर के गणमान्य नागरिकों एवं समिति सदस्यों द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पूजा-अर्चना के बाद मुख्य समारोह की शुरुआत हुई। जहां वीर दुर्गादास राठौड़ की मूर्ति एवं क्षिप्रा तट स्थित छतरी के चित्र के सम्मुख अतिथियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके बाद युवा भजन गायक पंडित दीपक पंवार द्वारा वीर दुर्गादासस पर भजन की शानदार प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रतिभाओं का हुआ सम्मान मिति द्वारा विभिन्न्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं को वीर दुर्गादास राठौड़ सम्मान से सम्मानित किया गया जिसमें पंडित जीवराज श्रीमाली, डॉ. कमल किशोर सांखला, डॉ. सीमा शर्मा व डॉ. दिनेशदत्त, युवरागी राठौड़, डॉ. चन्दनसिंह पुरोहित, तेज कंवर, भवानी शंकर नायक, नरेन्द्रसिंह राठौड़, सेन्सेई अरूणा पटेल, डॉ. अजयपालसिंह धनला को प्रदान कर पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार के तहत शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। निबन्ध एवं चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित समिति द्वारा स्मृति पुरस्कार के तहत स्व. प्रमोदपुरी हरियालो राजस्थान (सोजत क्षेत्र), को एवं स्व. मोहनलाल गेहानी स्मृति पुरस्कार किरण कंवर को प्रदान किया गया। दुर्गादासजी की जयन्ती के उपलक्ष्य में आयोजित निबन्ध एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर आने वाले विधार्थियों ललिता प्रजापत, रोशनी प्रजापत, लोकेन्द्रसिंह, हार्दिक शर्मा, साधना मीणा, शिवांशी राजपुरोहित, रेखा सुथार, जेठी, दिव्या सुथार, जयश्री, हार्दिक, साक्षी परिहार, उपेन्द्रसिंह, नितिका यादव, हंसिका सुथार, जानवी को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। दो पुस्तकों का लोकार्पण इस अवसर पर दीपक तंवर द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘तंवर’स लीगल कम्पास: नेविगेटिंग दी राजस्थान माइनर मिनरल कनसेक्षन रूल्स 2017’’ एवं डॉ. कमल किशोर खींची द्वारा लिखित पुस्तक ‘मेड़ता शासकों का राजनीतिक एवं सांस्कृतिक अवदान’’ का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया। लंगा कलाकारों ‘वीर दुर्गादास राठौड़ गाथा’ की प्रस्तुति एवं कविता पाठ इस अवसर महरानगढ़ म्यूज़ियम ट्रस्ट के म्यूजिक प्रोजेक्ट के तहत ‘वीर दुर्गादास राठौड़ गाथा’’ की विशेष प्रस्तुति लंगा कलाकार सदार खान, आसिन खान, सफू खान, जाकिर खान, सादिक खान,महबूब खान, हबीब खान द्वारा दी गई। युवा कवि सुरभि खींची द्वारा ‘‘मरुधर का अमर स्वाभिमान वीर दुर्गादास’’ पर कविता पाठ का वाचन किया गया। जलगृह का लोकार्पण इस अवसर पर समाजसेवी, भामाशाह से सम्मानित श्याम कुम्भट द्वारा वीर दुर्गादास राठौड़ उद्यान स्थल में नवनिर्मित जलगृह (प्याऊ) का लोकार्पण गजसिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्याम कुम्भट परिवार के सदस्यों ने गजसिंह का स्वागत किया। इस अवसर पर कई इतिहासविद्, साहित्यकार, गणमान्य नागरिक, विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थीगण, खिलाड़ी, स्काउट एवं गाइड के विद्यार्थी, समिति सचिव और महरानगढ़ म्यूज़ियम ट्रस्ट के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।