राजसमंद | गढ़बोर-चारभुजा में जलझूलनी एकादशी के उपलक्ष्य में दर्शन के लिए पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं की सेवा-सुश्रुषा, आवभगत व उपचार के लिए हरिहर सेवा संस्थान राजसमन्द की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित सेवाली मोड़ पर पदयात्री सेवा शिविर गुरूवार को शुरू हुआ जो पांच दिन चलेगा। कार्यक्रम के तहत समाजसेवी सावित्री देवी, भगवती देवी, संतोष देवी, संस्थान अध्यक्ष श्यामसुन्दर नवाल, मंजूलता आदि ने पूजा अर्चना व प्रभु के जैकारों के बीच मोली बंधन खोलकर शिविर का शुभारम्भ किया। इस दौरान कार्यकर्ता धीरज सरावगी, गोपाल गोटरवाल, कन्हैया लाल बाकलीवाल, रतन धनोपिया, कमला बाई, नाथू सिंह, भंवरसिंह आदि उपस्थित थे। संस्था सदस्य हिमांशु,, दर्शना नवाल आदि ने सेवा कार्य में सहयोग के लिए उपरणा ओढ़ाकर कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। इस अवसर पर समाजसेवी श्यामसुन्दरर नवाल ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि सेवा स्थल पर श्रद्धालुओं की आवभगत, सेवा-सुश्रुषा व अल्पाहार के अलावा सामान्य उपचार की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। इसके तहत लम्बी पदयात्रा के कारण श्रद्धालुओं को होने वाली थकान, पैरों में जकड़न, मांसपेशियों में दर्द व खिंचाव तथा पैदल चलने से पैरों में होने वाले छालों आदि के उपचार के लिए चिकित्सा विशेषज्ञ सेवा कार्य करेंगे तथा जो फिजियोथैरेपी उपकरणों की सहाया से उपचार कर पदयात्रियों को राहत प्रदान करेंगे वही आम तौर पर उपयोग होने वाली दवाएं भी उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि शिविर स्थल पर कार्यकर्ता सेवा कार्य में तत्पर रहेंगे तथा यह व्यवस्था जलझूलनी एकादशी की पूर्व संध्या तक जारी रहेगी। उल्लेखनीय है कि पिछले डेढ़ दशक से भामाशाह श्यामसुन्दर व मंजूलता नवाल के सहयोग से प्रतिवर्ष संस्थान की ओर से जलझूलनी पर्व पर पदयात्रियों की सेवा के लिए सेवा शिविर आयोजित किया जा रहा है जहां अब तक हजारों श्रद्धालुओं ने शिरकत कर लाभ उठाया है।