शहर की सरकार चुनने के लिए बुधवार को मतदाताओं में खासा उत्साह नजर आया। बारां शहर में शाम तक 76.10 फीसदी मतदान हुआ। यह दिसंबर 2020 में हुए चुनाव के 75.72 फीसदी के मुकाबले 0.38 फीसदी अधिक रहा है। छिटपुट शिकायतों के बीच शांतिपूर्ण मतदान हुआ। मतदान के लिए नगर परिषद बारां में 60 वार्डों के लिए 111 मतदान केंद्र बनाए गए थे। यहां 46392 पुरुष, 45068 महिला, 3 ट्रांसजेंडर सहित कुल 91,463 मतदाता नामांकित थे। कांग्रेस, भाजपा, आप सहित कुल 217 प्रत्याशी मैदान में हैं। सुबह 7 बजे मतदान शुरू होने से पहले ही कई बूथों पर मतदाता पहुंचने लगे। युवा पहली बार मतदान को लेकर उत्साहित नजर आए तो बुजुर्ग भी परिजनों के साथ वोट डालने पहुंचे। मतदान केंद्रों के बाहर कतारों में खड़े मतदाता अपनी बारी का इंतजार करते रहे। सुबह के शुरुआती घंटों के बाद जैसे-जैसे दिन चढ़ा, मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही बढ़ती गई। प्रशासन और पुलिस की टीमें भी लगातार सक्रिय रहीं। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त जाब्ता लगाया गया और एरिया मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट व गश्ती दल लगातार व्यवस्थाओं पर नजर रखते रहे। नगर निकाय चुनाव के दौरान शहर के कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के नाम से पहले ही मतदान हो जाने की शिकायतें सामने आईं। वोट डालने पहुंचे मतदाताओं को कार्मिकों ने बताया कि उनके नाम से मतदान हो चुका है। मतदाताओं ने इसका विरोध करते हुए फर्जी वोटिंग का आरोप लगाया। वार्ड 18 की ममता व वार्ड 16 की अनिता बाई के पहुंंचने से पहले ही उनका वोट डल चुका था। कोटा रोड के वार्ड 4 और पुराने थाना स्थित वार्ड 45 के बूथ पर भी कुछ मतदाताओं ने इसी तरह की शिकायत की।